पश्चिम बंगाल में दक्षिण 24 परगना में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान के खिलाफ गंभीर आरोप लगा था. ऐसा दावा किया जा रहा था कि वे और उनके समर्थक दूसरे चरण के मतदान से पहले स्थानीय मतदाताओं को डरा रहे थे और उनके पहचान पत्र छीन रहे थे. इस मामले पर शिकायत मिलने पर चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तैनात अजय पाल शर्मा, केंद्रीय बलों के साथ दक्षिण 24 परगना जिले के फालता विधानसभा क्षेत्र में टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के आवास पर पहुंचे थे.
पूरे मामले पर जहांगीर खान का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि हम भी पुष्पा है झुकेंगे नहीं. मैंने दिनभर दफ्तर में ही बैठकर पूरा अपना चुनाव मॉनिटर किया है. यही मेरी रणनीति थी. मैं 200 फीसदी श्योर हूं कि ये चुनाव मैं जीतूंगा. मैं मंत्री बनूंगा कि नहीं ये ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी हमारे नेता जानें. बीजेपी के लोग घपलेबाज है. वो लोग झूठ बोलते हैं कि EVM पर टेप लगाया था.
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बंगाल में राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण
जहांगीर खान से जुड़ी घटना के बाद राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया. प्रशासन और विपक्ष की ओर से यह संकेत दिए गए कि जहांगीर खान से जुड़ी कुछ संदिग्ध गतिविधियों की जांच चल रही है. तृणमूल कांग्रेस ने इस पूरे मामले को अलग नजरिए से देखा. पार्टी का कहना है कि अधिकारी जानबूझकर उनके नेता को निशाना बना रहे हैं और इससे चुनाव की निष्पक्षता पर असर पड़ सकता है. कुछ लोगों का यह भी कहना है कि जहांगीर खान का नाम कुछ विवादित नेटवर्क या गतिविधियों से जुड़कर सामने आया है, जिसकी जांच की जा रही है.
जहांगीर खान का दावा
जहांगीर खान ने दावा किया कि उनके परिवार को धमकाया गया और उन्हें परेशान किया गया. वहीं दूसरी तरफ उनके खिलाफ भी यह आरोप सामने आए कि उन्होंने अधिकारियों के साथ टकराव का माहौल बनाया और चुनौतीपूर्ण रवैया अपनाया. इस बीच एक और विवाद तब बढ़ा जब उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसे नाइटक्लब से जुड़ा बताया गया. इस वीडियो के सामने आने के बाद उनकी छवि को लेकर भी सवाल उठने लगे और मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया.






