Mango Farming Tips: पारंपरिक खेती में कम मुनाफे को देखते हुए हमारे किसान भाई बागवानी फसलों की तरफ तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं. इस मामले में आम की बागवानी आप सभी के लिए सबसे बड़ा फायदे का सौदा हो सकती है. आम की खेती का एक ऐसा फॉर्मूला है जिसे अपनाकर देश के कई किसान हर साल लाखों रुपये की छप्परफाड़ कमाई कर रहे हैं.
इस फॉर्मूले का सबसे बड़ा राज है आम की सही वेरायटी चुनना और खेत में पौधों को एकदम सही दूरी पर लगाना. अगर सही प्लानिंग और सटीक तकनीक के साथ आम के पौधे रोपे जाएं तो बहुत ही कम जगह में बंपर पैदावार ली जा सकती है. चलिए आपको बताते हैं कि आप किस तरीके से अपने खेत में आम की बागवानी करके अपनी किस्मत बदल सकते हैं.
आम की सबसे बेस्ट और डिमांडिंग वेरायटियां
अगर आप आम की बागवानी से तगड़ा मुनाफा कमाना चाहते हैं तो सबसे पहला और जरूरी कदम है मार्केट डिमांड वाली वेरायटी को चुनना. किसान भाइयों के लिए मालदा वेरायटी सबसे ज्यादा पॉपुलर है और इसकी बाजार में हमेशा जबरदस्त मांग रहती है. मालदा के अलावा आप अपने खेतों में जर्दालू, आम्रपाली और मल्लिका जैसी उन्नत किस्मों को भी लगा सकते हैं.
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मालदा और जर्दालू आम अपने बेहतरीन स्वाद, मिठास और लाजवाब खुशबू के लिए दूर-दूर तक मशहूर हैं जिसके कारण मंडियों में इनके बहुत ऊंचे दाम मिलते हैं. वहीं आम्रपाली और मल्लिका जैसी वेरायटियां हाइब्रिड होने के कारण हर साल फल देती हैं और इनमें बीमारियां लगने का खतरा भी बहुत कम होता है. इन खास किस्मों को चुनकर आप अपनी रेगुलर इनकम पक्की कर सकते हैं.
पौधों के बीच की सही दूरी और रोपाई
आम की बागवानी में बंपर पैदावार पाने के लिए पौधों को लगाने की दूरी का बहुत बड़ा रोल होता है. कृषि एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर आप पारंपरिक तरीके से बागवानी कर रहे हैं, तो पौधे से पौधे और कतार से कतार की दूरी कम से कम 10 गुणा 10 मीटर यानी लगभग 30 फीट रखनी चाहिए. इस दूरी को मेंटेन करने से हर पेड़ को फैलने के लिए पूरी जगह मिलती है और हवा व धूप जड़ों तक आसानी से पहुंचती है.
यह तरीका भी अपना सकते हैं
वहीं जो किसान भाई कम जमीन में ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं वे हाई-डेंसिटी (सघन बागवानी) तकनीक अपना सकते हैं, जिसमें आम्रपाली जैसी वेरायटी को 5 गुणा 5 मीटर की दूरी पर भी लगाया जा सकता है. गड्ढे तैयार करते समय जैविक खाद और नीम की खली मिलाने से पौधों की ग्रोथ बहुत तेजी से होती है.
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