Banarasi Mango Cultivation Tips : भारत में आम की किस्मों में बनारसी लंगड़ा आम एक बहुत ही फेमस और टेस्टी आम है. इसका रंग, खुशबू और मिठास इसे खास बनाते हैं. बनारसी लंगड़ा आम को अब जीआई (GI) टैग भी मिल चुका है, यानी यह आम पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान रखता है. बनारसी लंगड़ा आम को उसकी अनोखी खुशबू और हल्के पीले रंग के लिए जाना जाता है. यह आम मुख्य रूप से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में उगाया जाता है. इसे कुछ जगहों पर मालदा आम भी कहा जाता है, क्योंकि यह पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से भी जुड़ा है.
बनारसी लंगड़ा आम के पेड़ आमतौर पर 100 साल तक फल दे सकते हैं, जिससे यह लंबी अवधि की खेती के लिए फायदेमंद है. ऐसे में अगर आप भी अपने फार्म हाउस या अपने बगीचे में इस टेस्टी आम की खेती करना चहाते हैं तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि फार्म हाउस में बनारसी आम कैसे उगाएं. इसका बेहद आसान तरीका क्या है, जिससे गर्मियों में घर का टेस्ट मिलेगा.
फार्म हाउस में बनारसी आम कैसे उगाएं?
अगर आप अपने फार्म हाउस में बनारसी लंगड़ा आम उगाना चाहते हैं, तो सही मिट्टी, पौधे, फर्टिलाइजर और देखभाल जरूरी है. यह आम किसी भी प्रकार की मिट्टी में उग सकता है, लेकिन गहरी और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी सबसे सही है. लाल दोमट मिट्टी खेती के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है. वहीं पथरीली, क्षारीय और खराब जल निकासी वाली मिट्टी उपज के लिए सही नहीं होती है. बनारसी लंगड़ा आम को गर्म और हल्की ठंडी दोनों तरह के मौसम में उगाया जा सकता है. यह अलग-अलग प्रकार की पर्यावरणीय परिस्थितियों को सहन कर सकता है.
इसका बेहद आसान तरीका क्या है?
इस आम को आप बीज से उगा सकते हैं, लेकिन इससे पौधा फल देने में काफी समय लेता है. इसलिए सबसे अच्छा तरीका वानस्पतिक रूप यानी वेजिटेटिव मेथड से पौधा तैयार करना है, क्योंकि इससे पेड़ की मूल क्वालिटी बनी रहती है. इस आम के पेड़ आमतौर पर 7 से 10 मीटर की दूरी पर लगाए जाते हैं. बनारसी लंगड़ा आम के पौधों को अच्छे से फल देने के लिए सही फर्टिलाइजर और पोषण बहुत जरूरी है. इसके पहले 10 साल तक हर पौधे को सालाना लगभग यूरिया, सिंगल सुपर फॉस्फेट और म्यूरिएट ऑफ पोटाश देना चाहिए. अगर मिट्टी रेतीली है, तो फल आने से पहले यूरिया का छिड़काव करना पौध को अतिरिक्त पोषण देता है और बेहतर फल आने में मदद करता है.
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फार्म हाउस में बनारसी आम के लिट कीट कंट्रोल कैसे करें?
बनारसी लंगड़ा आम की खेती में कीट और रोग कंट्रोल बहुत जरूरी है. सबसे आम कीट फल मक्खी है, जिसे कंट्रोल करने के लिए फेंथियन या मैलाथियन का छिड़काव किया जाता है, और मादा कीट को फेरोमोन ट्रैप से आकर्षित करके खत्म किया जा सकता है. रोग प्रबंधन के लिए रोग मुक्त पौधों का यूज करें, संक्रमित पौधों को हटा दें, आम पकने में लगभग 90 से 120 दिन लगते हैं और सावधानी से पोल हार्वेस्टर से तोड़ा जाता है. पौधे 2 से 3 साल में फल देना शुरू कर देते हैं, लेकिन बिजनेस प्रोड्यूस 8 से 10 साल में मिलती है और औसत प्रोड्यूस लगभग 8 टन प्रति हेक्टेयर होती है.
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