इस रोग के लक्षणों की बात करें तो धान की पत्तियां हल्की पीली पड़ने लगती हैं. कुछ समय बाद इन पत्तियों पर कत्थई या लाल-भूरे रंग के छोटे-छोटे धब्बे साफ दिखाई देने लगते हैं. पौधा एकदम से बौना रह जाता है, उसका विकास पूरी तरह रुक जाता है और जड़ें भी ठीक से नहीं फैल पाती हैं.






