‘AI को रोकना होगा!’ बिना इंसानों के काम कर सकता है Claude, एंथ्रोपिक ने कहा- अब थमने की जरूरत

‘AI को रोकना होगा!’ बिना इंसानों के काम कर सकता है Claude, एंथ्रोपिक ने कहा- अब थमने की जरूरत


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  • एलोन मस्क के बाद एंथ्रोपिक ने एआई गति पर चिंता जताई।
  • कंपनी का कहना है AI खुद ही अगले मॉडल बना सकता है।
  • एंथ्रोपिक ने सरकारों से तीव्र AI विकास हेतु तैयारी मांगी।
  • कंपनी ने एआई विकास धीमा करने को वैश्विक सहयोग माँगा।

AI Safety Alert: एआई में एडवांसमेंट की रफ्तार को लेकर पिछले काफी समय से चिंता जताई जा रही है. Elon Musk समेत कई लोग इस बारे में अपनी चिंता व्यक्त कर चुके हैं. अब एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने भी एआई एडवांसमेंट की रफ्तार धीमी करने की मांग उठाई है. दरअसल, कंपनी का कहना है कि उसका एआई मॉडल Claude AI तेजी से नए एआई सिस्टम क्रिएट कर सकता है. इससे हम जल्द ही एक ऐसी स्थिति में पहुंच सकते हैं, जहां एआई सिस्टम खुद ही अपने से अगले सिस्टम को डिजाइन, बिल्ड और ट्रेन कर सकेंगे और इस पूरी प्रोसेस में इंसानों की जरूरत भी नहीं होगी.

एंथ्रोपिक ने कहा- तैयारी शुरू कर देनी चाहिए

एंथ्रोपिक ने कहा कि अभी ऐसी स्थिति नहीं बनी है, जहां एआई सिस्टम खुद अपने सक्सेसर को तैयार कर सके, लेकिन इसे टाला नहीं जा सकता. सरकारों, रेगुलेटर और समाज को इसके लिए तैयारी शुरू कर देनी चाहिए. कंपनी के मुताबिक, पब्लिक बेंचमार्क और उसके खुद के डेटा के अनुसार एआई काम को तेज कर रही है. इससे हेल्थकेयर, साइंस और प्रोडक्टिविटी जैसे एरिया में फायदा हो सकता है, लेकिन यह भी सवाल उठता है कि जब एआई सिस्टम खुद काबिल हो जाएंगे तो इंसान उस पर काबू कैसे रखेंगे.

ऐसे तेज होती जा रही है एआई एडवांसमेंट की स्पीड

बीते 2-3 सालों में ही एआई में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ती गई है. शुरुआत में इंजीनियर कोड खुद लिखते थे. इसके बाद चैटबॉट इस काम में उनकी हेल्प करने लगे. फिर ऐसे एजेंट आ गए जो कोडिंग का पूरा काम कर सकते हैं. आज के एआई एजेंट कोड रन करने के साथ टास्क भी पूरे कर सकते हैं और दूसरे एजेंट को टास्क सौंप भी सकते हैं. एंथ्रोपिक का कहना है कि अब इसकी अगली स्टेज ऐसी होगी, जहां एआई सिस्टम फ्यूचर के एआई मॉडल को भी तैयार कर सकेंगे.

एंथ्रोपिक ने बताए तीन सिनेरियो

एंथ्रोपिक ने कहा कि मौजूदा स्थिति के आधार पर तीन फ्यूचर सिनेरियो बनते हैं. पहली संभावना यह है कि एआई का विकास धीमा हो जाए. दूसरी संभावना है कि एआई प्रोडक्टिविटी बढ़ाने में मदद करेगी, लेकिन कंट्रोल इंसानों के पास रहेगा और तीसरे सिनेरियो में एआई सिस्टम खुद ही अपने सक्सेसर मॉडल तैयार कर लेंगे. कंपनी दूसरी संभावना को लेकर ज्यादा आशान्वित है. कंपनी ने सरकारों समेत सभी स्टेकहॉल्डर्स से एआई के विकास की रफ्तार धीमी करने की मांग करते हुए कहा कि इसमें पूरी दुनिया को साथ आना पड़ेगा. 

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