महिला क्रिकेट को दुनिया भर में मिल रही बढ़ती लोकप्रियता के बीच इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है. इंग्लैंड में 12 जून से शुरू होने वाले इस टूर्नामेंट की प्राइज मनी में भारी बढ़ोतरी की गई है, जो महिला क्रिकेट के बढ़ते कद और उसकी व्यावसायिक सफलता को दर्शाती है. खास बात यह है कि इस बार का टूर्नामेंट अब तक का सबसे बड़ा महिला टी20 वर्ल्ड कप होगा, जिसमें पहली बार 12 टीमें हिस्सा लेंगी. इंग्लैंड के सात अलग-अलग मैदानों पर कुल 33 मुकाबले खेले जाएंगे.
आईसीसी द्वारा घोषित नई पुरस्कार राशि के अनुसार, टूर्नामेंट जीतने वाली टीम को 2.34 मिलियन डॉलर (22 करोड़ रुपये से अधिक) दिए जाएंगे, जबकि उपविजेता टीम को 1.17 मिलियन डॉलर (करीब 11 करोड़ रुपये) मिलेंगे. इसके अलावा सभी 12 टीमों को 247,500 डॉलर (लगभग 2 करोड़ रुपये) की निश्चित भागीदारी राशि भी दी जाएगी. इतना ही नहीं, सेमीफाइनल में हारने वाली दोनों टीमों को भी लगभग 6.56 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिलेगी. इससे यह साफ है कि आईसीसी महिला क्रिकेट को आर्थिक रूप से और मजबूत बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रहा है.
इस बार टूर्नामेंट के प्रारूप में भी बदलाव किया गया है. 12 टीमों को 6-6 के दो ग्रुप में बांटा गया है. लीग चरण में हर टीम अपने ग्रुप की बाकी पांच टीमों के खिलाफ एक-एक मैच खेलेगी. इसके बाद दोनों ग्रुप की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी.
ग्रुप-1 में भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और नीदरलैंड्स को रखा गया है. वहीं ग्रुप-2 में इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, वेस्टइंडीज, श्रीलंका, स्कॉटलैंड और आयरलैंड शामिल हैं. बढ़ी हुई प्राइज मनी और विस्तारित टूर्नामेंट यह संकेत देते हैं कि महिला क्रिकेट अब वैश्विक खेल जगत में तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रहा है.






