पाकिस्तान सरकार ने विपक्ष के जोरदार विरोध के बीच 2026-27 के लिए 18,771 अरब रुपये का बजट पेश कर किया. वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब संसद में जब बजट पेश कर रहे थे तब शहबाज सरकार में सहयोगी दल पीपीपी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी वहां मौजूद नहीं थे. बजट का सबसे बड़ा हिस्सा कर्ज चुकाने में जाएगा. कुल बजट में से 8.054 लाख करोड़ रुपया कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए तय किया गया है.
भारत के मुकाबले कितना कम पाकिस्तान का डिफेंस बजट?
डिफेंस के लिए 3 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. वित्तीय वर्ष 2024-2025 के लिए पाकिस्तान का रक्षा बजट 2.122 लाख करोड़ रुपये तय था, जो उस समय के हिसाब से लगभग 7.6 अरब अमेरिकी डॉलर था. वित्त वर्ष 2025-2026 के लिए भारत का केंद्रीय रक्षा बजट 6,81,210 करोड़ रुपये (लगभग 78.57 अरब डॉलर) था. यह देश के कुल सरकारी खर्च का लगभग 13 फीसदी और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का करीब 2 फीसदी है.
पाकिस्तान सरकार की ओर से पेश किए गए बजट में आम लोगों की गरीबी दूर करने के प्लान की जगह डिफेंस और फाइटर जेट को लेकर ज्यादा निर्णय लिए गए. ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पाकिस्तान अपने डिफेंस को मजबूत करने में जुटा है क्योंकि इस दौरान भारतीय सेना PAK के भीतर घुसकर खूब तबाही मचाई थी.
सऊदी अरब के साथ हुए रक्षा समझौते का जिक्र
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक मुहम्मद औरंगजेब ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में अर्थव्यवस्था में चार प्रतिशत की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है और औसत मुद्रास्फीति 8.2 प्रतिशत रहने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि कई देश पाकिस्तान से संपर्क में हैं ताकि हमारे आसमान की रक्षा करने वाले लड़ाकू विमानों को अपने बेड़े में शामिल कर सकें. वित्त मंत्री ने कहा कि देश का रक्षा क्षेत्र विदेशी मुद्रा आय का स्रोत बन गया है. उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले साल सऊदी अरब के साथ हुए रक्षा समझौते ने दोनों देशों के रिश्तों को एक नई नींव दी है.
जनता पर बोझ नहीं डाला: PAK सरकार
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने पूरा बोझ जनता पर नहीं डाला, बल्कि 128 अरब रुपये की सब्सिडी देकर लोगों को राहत दी. शहबाज़ शरीफ सरकार का यह तीसरा बजट है. पिछले वर्षों का हिसाब देते हुए उन्होंने बताया, ‘जीडीपी ग्रोथ मौजूदा वित्तीय वर्ष में विकास दर 3.7 प्रतिशत रही. लार्ज स्केल मैन्युफैक्चरिंग में 6.1% और सर्विस सेक्टर में 4.1% की बढ़त हुई, जो 4 साल में सबसे ज्यादा है. पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बढ़कर 452 अरब डॉलर हो गई है.’ उन्होंने कहा कि इसके अलावा सरकार ने छोटे किसानों और छोटे बिजनेस को बढ़ावा के लिए लोन योजनाओं की भी शुरुआत की है.
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