IMA पासिंग आउट परेड 2026, 515 जेंटलमैन कैडेट बने सेना अधिकारी, 9 महिला कैडेट्स ने भी रचा इतिहास

IMA पासिंग आउट परेड 2026, 515 जेंटलमैन कैडेट बने सेना अधिकारी, 9 महिला कैडेट्स ने भी रचा इतिहास


भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के इतिहास में शनिवार (13 जून 2026) का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया. वह पल जिसका इंतजार शायद दशकों से था पहली बार IMA की पासिंग आउट परेड (POP) में नौ महिला कैडेट्स ने सैन्य अफसर के रूप में कदम रखा. इन नौ बेटियों के कंधों पर जब रैंक सजी, तो वह सिर्फ एक समारोह नहीं था  वह भारतीय फौज की बदलती तस्वीर का ऐलान था.

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में यह ऐतिहासिक परेड आयोजित हुई. सुबह 6:40 बजे जब कैडेट्स के जूतों की कदमताल उस मैदान पर गूंजी, जहां से न जाने कितनी पीढ़ियों के फौजी निकले हैं तो माहौल में एक अलग ही जज्बा था. चैटवुड भवन के सामने जब राष्ट्रपति मुर्मू ने सलामी ली, तो उनके चेहरे पर गर्व साफ दिख रहा था.

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515 कैडेट्स ने पार किया अंतिम पग

इस बार की परेड में कुल 515 जेंटलमैन कैडेट्स ने प्रशिक्षण पूरा कर सेना की वर्दी थामी. इनमें 481 भारतीय कैडेट थे, जिनमें नौ महिला कैडेट्स शामिल रहीं. इसके अलावा 16 मित्र देशों के 34 कैडेट्स ने भी अकादमी से प्रशिक्षण पूरा कर अपने-अपने देश की सेनाओं में कमीशन हासिल किया. परेड के बाद शॉपिंग सेरेमनी का आयोजन हुआ  वह भावुक क्षण जब परिजनों ने अपने बेटे-बेटियों के कंधों पर स्टार लगाए. इस बार इस रस्म का मतलब और गहरा था, क्योंकि नौ परिवारों के लिए यह पल पहली बार किसी बेटी के अफसर बनने का जश्न था.

यह बदलती तस्वीर है-राष्ट्रपति मुर्मू

राष्ट्रपति मुर्मू ने इस मौके को सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि देश की बदलती सोच और बढ़ती ताकत का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि महिला अफसरों का IMA से पास आउट होना यह साबित करता है कि भारत की बेटियां अब हर मोर्चे पर देश की रक्षा के लिए तैयार हैं. गौरतलब है कि यह दूसरा मौका है जब किसी महिला राष्ट्रपति ने IMA की परेड में मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई. इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल भी यहां सलामी ले चुकी हैं.

शुक्रवार को ही पहुंचीं देहरादून

राष्ट्रपति मुर्मू एक दिन पहले शुक्रवार को जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचीं, जहां राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन और डीजीपी दीपम सेठ ने उनका स्वागत किया. इसके बाद वे राष्ट्रपति निकेतन पहुंचीं और विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात की. परेड में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत सेना व प्रशासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.

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