RBI News: जब से ईरान और यूएस के बीच युद्ध हुआ था, तभी से देश की अर्थव्यवस्था काफी गड़बड़ा गई थी. महंगाई की मार आम जनता की जेबों तक भी पहुंची. इस महंगाई की मार से कोई सेक्टर नहीं छूटा. यहां तक कि बैंकिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली भी काफी आहत हुई है. इसी के चलते अब हाल ही में RBI ने एक ऐसा कदम उठाया है जिससे बैंकिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली सुचारू रूप से चलती रहे.
RBI ने किया नकदी की कमी को दूर
दरअसल हाल ही में RBI यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकिंग सिस्टम में नकदी की कमी को दूर करने के लिए कुछ नकदी डाली है. आरबीआई ने मंगलवार को 7 दिन की वैरिएबल रेट रेपो (VRR) नीलामी के जरिए 1.41 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की अस्थायी नकदी बैंकिंग सिस्टम में डाली है. इससे बैंक की कार्यप्रणाली सुचारू रूप से चलती रहेगी. साथ ही साथ इससे जनता को भी फायदा पहुंचेगा.
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बैंकों में हुई नकदी की कमी
न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक हाल के दिनों में जीएसटी भुगतान के कारण बैंकों से बड़ी मात्रा में पैसा बाहर गया, जिससे बैंकिंग सिस्टम में नकदी की कमी देखने को मिली. जिसकी वजह से अल्पकालिक ब्याज दरों पर दबाव बढ़ने लगा था. ऐसे में आरबीआई को बीच में आना पड़ा और बैंकों को 5.26% की दर पर फंड उपलब्ध करवाना पड़ा, ताकि उन्हें पैसों की कमी का सामना न करना पड़े और बैंकों की कार्यप्रणाली सुचारु रूप से चलती रहे.
बता दें कि जब टैक्स भुगतान या अन्य कारणों से बैंकिंग सिस्टम में नकदी कम हो जाती है, तो RBI रेपो नीलामी जैसे उपायों के जरिए बैंकों को अस्थायी रूप से पैसा उपलब्ध कराता है. वहीं, लंबे समय के लिए नकदी बढ़ाने के लिए केंद्रीय बैंक सरकारी बॉन्ड खरीदने और डॉलर-रुपया स्वैप जैसे उपाय भी अपनाता है. इसका मकसद ये सुनिश्चित करना होता है कि बाजार में पैसों की कमी के कारण ब्याज दरें अचानक न बढ़ें और अर्थव्यवस्था की रफ्तार पर असर न पड़े.
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