Astrology Predictions July 2026: ज्योतिषीय दृष्टिकोण से वर्ष 2026 बेहद महत्वपूर्ण और बड़े बदलावों वाला साल साबित हो रहा है. जून के बाद अब जुलाई 2026 का महीना भी ग्रहों की चाल के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है. इस महीने में सूर्य, बुध, शुक्र और शनि जैसे 4 बड़े ग्रह अपनी स्थिति और चाल में महत्वपूर्ण बदलाव करने जा रहे हैं.
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास के अनुसार, जुलाई में ग्रहों का यह महागोचर मानव जीवन, देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था और मौसम पर गहरा असर डालेगा. कर्म, जिम्मेदारियों और दीर्घकालिक योजनाओं को प्रभावित करने वाले इस गोचर से जहां कुछ राशियों की किस्मत चमकेगी, वहीं देश में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं की आशंका भी बढ़ गई है.
जुलाई 2026 में ग्रहों के गोचर की समय-सारणी
जुलाई के महीने में ग्रहों की चाल में निम्नलिखित मुख्य बदलाव देखने को मिलेंगे:
| तारीख | ग्रह का गोचर / चाल में बदलाव |
| 4 जुलाई | शुक्र का सिंह राशि में गोचर |
| 7 जुलाई | वक्री बुध का मिथुन राशि में प्रवेश |
| 16 जुलाई | सूर्य का कर्क राशि में गोचर (कर्क संक्रांति) |
| 24 जुलाई | बुध ग्रह का मार्गी होना |
| 27 जुलाई | शनि देव का मीन राशि में वक्री होना |
अन्य ग्रहों की स्थिति: इन बदलावों के साथ-साथ शनि मीन राशि में, गुरु मिथुन राशि में, राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में गोचर करते हुए सभी राशियों को प्रभावित करेंगे. वहीं, चंद्रमा हर सवा दो दिन में अपनी चाल बदलते रहेंगे.
देश-दुनिया पर प्रभाव: व्यापार में तेजी, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं का अलर्ट
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि जुलाई में बनने वाली ग्रहों की यह स्थिति देश और दुनिया में बड़े उलटफेर की ओर इशारा कर रही है:
- आर्थिक व व्यापारिक क्षेत्र: शुक्र, बुध और सूर्य के राशि परिवर्तन से बाजार और व्यापार में तेजी आएगी. रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे और लोगों की आय में इजाफा होगा. होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए यह समय बेहद मुनाफा देने वाला रहेगा.
- मौसम और प्राकृतिक आपदाएं: देश के कई हिस्सों में अत्यधिक और असामान्य भारी बारिश होने की संभावना है. इसके कारण बाढ़, भूस्खलन (landslide), बादल फटने या पहाड़ टूटने जैसी घटनाएं हो सकती हैं, जिससे सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो सकते हैं. भूकंप आने की भी प्रबल आशंका है.
- दुर्घटनाएं और नुकसान: खेती और कृषि से जुड़े कामों में नुकसान के योग बन रहे हैं. इसके अलावा यातायात से जुड़ी बड़ी दुर्घटनाएं, समुद्री तूफान, जहाज/वायुयान हादसे या खदानों में दुर्घटना होने से जन-धन की हानि का खतरा है. अग्नि कांड और गैस दुर्घटनाओं के प्रति भी सचेत रहना होगा.
- राजनीति और समाज: शासन-प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच आंतरिक व बाहरी संघर्ष तेज होंगे. राजनीति में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिलेंगे. सांस्कृतिक या सामाजिक रूप से भी कुछ विवाद या उथल-पुथल होने की संभावना है. संक्रमण और महामारियों का खतरा भी बढ़ सकता है.
आपकी राशि पर क्या होगा असर?
ग्रहों के इस बड़े हेरफेर का सभी 12 राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा, जिसे तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
1. इन राशियों को मिलेगा बंपर फायदा: मिथुन, वृश्चिक, मकर और मीन राशि के जातकों के लिए जुलाई का महीना वरदान साबित हो सकता है. आपको हर क्षेत्र में सफलता मिलेगी. आर्थिक मामलों में बड़ा लाभ होगा, कार्यस्थल पर आपके काम की तारीफ होगी और पदोन्नति (Promotion) के योग बनेंगे. व्यापारियों को बड़ा मुनाफा हाथ लग सकता है और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा.
2. इन राशियों को रहना होगा सावधान: वृष, सिंह, तुला और कुंभ राशि के जातकों को इस महीने संभलकर रहने की जरूरत है. धन हानि, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं या कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं. कोई भी बड़ा फैसला सोच-समझकर लें.
3. इनके लिए सामान्य रहेगा महीना: मेष, कर्क, कन्या और धनु राशि के जातकों के लिए जुलाई का महीना मिलाजुला (मिश्रित) असर लेकर आएगा. मेहनत के अनुसार फल मिलेंगे, इसलिए प्रयास जारी रखें.
अशुभ प्रभावों से बचने के ज्योतिषीय उपाय
ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास के अनुसार, ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव और दोषों को दूर करने के लिए भगवान शिव, माता दुर्गा और हनुमान जी की आराधना सबसे अचूक उपाय है:
मंत्र जाप: प्रतिदिन हं हनुमते नमः, ऊॅ नमः शिवाय, या हं पवननंदनाय स्वाहा मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें.
हनुमान जी की पूजा: रोज सुबह और शाम हनुमान जी के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं. हनुमान जी को पान का बीड़ा और दो बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं.
दान: मंगलवार या शनिवार को शाम 7:00 बजे के बाद हनुमान मंदिर में लाल मसूर की दाल चढ़ाएं.
विशेष पाठ: संकटों से रक्षा के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप और दुर्गा सप्तशती का पाठ करना अत्यंत लाभकारी रहेगा.
जुलाई 2026 के मुख्य व्रत और त्योहार (July 2026 Vrat Tyohar List)
धार्मिक दृष्टि से भी जुलाई का महीना बेहद पवित्र है. इस महीने में जगन्नाथ रथ यात्रा और देवशयनी एकादशी जैसे बड़े पर्व आ रहे हैं:
3 जुलाई: संकष्टी चतुर्थी
10 जुलाई: योगिनी एकादशी
12 जुलाई: मासिक शिवरात्रि, प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष)
14 जुलाई: आषाढ़ अमावस्या
16 जुलाई: जगन्नाथ रथ यात्रा, कर्क संक्रांति
25 जुलाई: देवशयनी एकादशी (आषाढ़ी एकादशी – इस दिन से चातुर्मास शुरू होगा)
26 जुलाई: प्रदोष व्रत (शुक्ल पक्ष)
29 जुलाई: गुरु-पूर्णिमा, आषाढ़ पूर्णिमा व्रत
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