LPG News: ईरान और यूएस के बीच हुए युद्ध का असर दुनियाभर में देखने को मिला था. जिसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा हुआ था. तो वहीं गैस की सप्लाई भी बहुत हद तक प्रभावित हुई थी. गैस के दाम भी बढ़ गए थे और लोगों को इसकी किल्लत भी हो रही थी. जिसके चलते लोगों ने इस साल के पहले हाफ में यानी जनवरी 2026 से जून 2026 तक LPG की खपत कम कर दी.
कितनी घटी LPG की सप्लाई?
दरअसल हाल ही में पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि साल 2026 के शुरुआती छह महीनों में एलपीजी की कितनी खपत हुई है. इस रिपोर्ट के अनुसार भारत में LPG की खपत युद्ध के दौरान 8% तक घट गई है. रिपोर्ट में बताए गए आंकड़ों के मुताबिक जनवरी-जून 2026 के दौरान भारत में करीब 1.47 करोड़ टन LPG की खपत हुई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ये 1.59 करोड़ टन थी.
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क्यों घटी LPG की खपत?
LPG की खपत में हुई कटौती को लेकर सरकार का कहना है कि, LPG की मांग कम नहीं हुई थी, बल्कि सप्लाई प्रभावित होने की वजह से खपत घटी है. भारत अपनी कुल LPG जरूरत का करीब 60% आयात करता है और इसमें से लगभग 90% LPG मिडिल ईस्ट के खाड़ी देशों से आती है. ये ज्यादातर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रास्ते भारत पहुंचती है. युद्ध के दौरान इसी रास्ते पर असर पड़ने से सप्लाई बाधित हुई.
मई- जून की खपत जानें
सप्लाई बाधित होने का असर सबसे ज्यादा मई में दिखा, जब LPG की खपत करीब 21.3 लाख टन रही, जो पिछले पांच सालों का सबसे निचला स्तर था. तो वहीं जून में LPG की खपत पिछले साल के मुकाबले करीब 17% कम रही, लेकिन मई की तुलना में इसमें 2% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
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अब सामान्य है सप्लाई
वहीं अब पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया है कि देशभर में घरेलू LPG, पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और CNG की 100% सप्लाई बहाल हो चुकी है. संकट के दौरान घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए कम की गई कमर्शियल LPG की सप्लाई भी पहले जैसी हो गई है. ऑनलाइन गैस बुकिंग सामान्य स्तर पर पहुंच गई है और किसी भी गैस एजेंसी पर स्टॉक की कमी नहीं है.






