टेरर कैंप पर धमाकों से पूरी दुनिया में गूंज, ऑपरेशन सिंदूर तो सिर्फ डेमो था’, PM मोदी का कड़ा स

टेरर कैंप पर धमाकों से पूरी दुनिया में गूंज, ऑपरेशन सिंदूर तो सिर्फ डेमो था’, PM मोदी का कड़ा स


ऑस्ट्रेलिया दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में 30 हजार भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया. लोगों के हुजूम को देखकर पीएम मोदी ने कहा कि ये शो हाउस फूल और ब्लॉकबस्टर है. उन्होंने कहा, ‘मेलबर्न वालों से मिलने का मुझे भी इंतजार था. जिस एनर्जी से आप सभी ने हमारा वेलकम किया था वो और भी अमैजिंग है.’ उन्होंने कहा कि भारत अब एक ग्लोबल ब्रांड बन चुका है.

ऑस्ट्रलिया से पीएम मोदी को पाकिस्तान को चेतावनी

ऑस्ट्रलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज के साथ मंच से पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया है. उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डेमो तो देख ही लिया होगा. धमाके आतंकियों के अड्डे पर हो रहे थे और गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही थी. टेरर कैंप पर इस करारे प्रहार से सबको गर्व हुआ. भारत इतने पर ही रुकना नहीं चाहता. भारत कह रहा ग्रो मोर. भारत के डिफेंस प्लेटफॉर्म की कैपेबिलिटी और क्रेडिबिलिटी दुनिया देख रही है.’

पीएम मोदी ने कहा, ‘पिछले 12 सालों में मैं तीसरी बार यहां आया हूं. यानि इस बार हैट्रिक लगी है. यह दिखाता है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते किस ऊंचाई पर हैं. इसमें सबसे बड़ी भूमिका मोदी की नहीं इसमें आप सभी साथियों की भूमिका है. कहते हैं मेलबर्न शहर एक दिन में ही चार सीजन के दर्शन करा देता है.’

’21वीं सदी का भारत विकसित होने के लक्ष्य पर काम कर रहा’

भारतीयों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘आप सभी आस्ट्रेलिया की ग्रोथ को अपने परिश्रम से सींच रहे हैं, लेकिन मैं जानता हूं कि आपकी एक नजर भारत पर लगातार रहती है. भारत क्या कर रहा है, भारत की प्रगति, भारत की गति, इसकी खोज खबर आप लेते रहते हैं. 21वीं सदी का भारत आज विकसित होने के लक्ष्य पर काम कर रहा है. एक सपना पूरा होता है, तो नया सपना जन्म ले लेता है. पहले कहते थे, एक दीप से जले दूसरा, जलते दीप हजार. आज मैं कहता हूं, एक सपने से जन्मे दूसरा सपना, सपने जन्मे हजार.’

मदद के समय भारत पासपोर्ट नहीं देखता: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ‘अभी पिछले महीने ही वेनेजुएला में भूकंप की इतनी बड़ी त्रासदी आई, इतना बड़ा विनाश हुआ, सैकड़ो लोगों की जान गई. हमने दूरी कितनी है यह नहीं देखा, भारत ने वेनेजुएला की पीड़ा को अपनी पीड़ा समझा. भारत ने रिलीफ और रेस्क्यू के लिए ऑपरेशन चलाया और जितनी तेजी से हो सकता था मदद भेजी. भारत जब मदद करता है तो पासपोर्ट नहीं देखता, पासपोर्ट का रंग नहीं देखता इसलिए दुनिया भी भारत पर इतना विश्वास करती है’





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