- दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय लक्ज़री कार चोर गिरोह पकड़ा।
- दो आरोपी गिरफ्तार, हाईटेक तकनीक से गाड़ियां चुराकर बेचते थे।
- दिल्ली, राजस्थान, मणिपुर से सात चोरी की लक्ज़री कारें बरामद।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लग्जरी गाड़ियों की चोरी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह दिल्ली से महंगी एसयूवी और लग्जरी कारें चुराकर राजस्थान और मणिपुर समेत उत्तर-पूर्वी राज्यों में बेच देता था.
पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और दिल्ली, राजस्थान और मणिपुर से सात चोरी की लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं, इनमें टोयोटा फॉर्च्यूनर, इनोवा क्रिस्टा, किआ सेल्टोस, महिंद्रा थार और हुंडई आई-20 जैसी महंगी गाड़ियां शामिल हैं.
दिल्ली से चोरी, मणिपुर में होती थी बिक्री
जांच में सामने आया कि गिरोह दिल्ली के द्वारका, रोहिणी, पश्चिम विहार और अन्य रिहायशी इलाकों से लग्जरी गाड़ियों को निशाना बनाता था. चोरी के बाद गाड़ियों के नंबर प्लेट बदल दिए जाते थे और उन्हें मणिपुर के उखरूल और उत्तर-पूर्व के अन्य इलाकों में स्थानीय नेटवर्क के जरिए बेच दिया जाता था. कुछ वाहन राजस्थान में भी ठिकाने लगाए जाते थे.
हाईटेक तरीके से चुराते थे गाड़ियां आरोपी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी बेहद आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते थे. पहले कार का शीशा तोड़ा जाता था और सायरन की वायर काट दी जाती थी. इसके बाद एक विशेष इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट की मदद से वाहन के इंजन कंट्रोल मॉड्यूल को हैक कर गाड़ी स्टार्ट की जाती थी. मौके पर ही डुप्लीकेट स्मार्ट-की तैयार कर ली जाती थी. जिस मॉडल की गाड़ी चोरी करनी होती थी, उसी मॉडल का शीशा पहले से साथ रखा जाता था, ताकि चोरी के बाद नया शीशा लगाकर किसी को शक न हो.
ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे कार चुराने वाले शातिर
क्राइम ब्रांच की टीम को 4 जुलाई को सूचना मिली कि एक वाहन चोर महिंद्रा थार से आने वाला है. डॉ. बीएसए रोड, महादेव चौक के पास जाल बिछाकर पुलिस ने अमित नगर उर्फ सोनू को दबोच लिया. तलाशी के दौरान उसके पास से पांच स्मार्ट कार की चाबियां, चोरी की गाड़ियों के चार असली नंबर प्लेट और कई अहम सुराग मिले. पूछताछ में उसने पूरे गिरोह का खुलासा कर दिया.
मणिपुर तक पहुंची दिल्ली पुलिस
अमित नगर से पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला कि चोरी की गाड़ियां मणिपुर भेजी जा रही हैं. इसके बाद टीम ने उत्तर प्रदेश पुलिस से अनुमति लेकर पहले से जेल में बंद आरोपी तोइजाम नटराज सिंह को इस मामले में गिरफ्तार किया. उसकी निशानदेही पर मणिपुर के उखरूल में स्थानीय पुलिस की मदद से चार चोरी की गाड़ियां बरामद की गईं. इससे पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ.
हर गाड़ी पर मिलते थे 70 से 80 हजार रुपये
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह चोरी की हर लग्जरी गाड़ी के बदले 70 से 80 हजार रुपये लेता था. इसके बाद वाहन रिसीवर तक पहुंचा दिया जाता था, जहां नंबर बदलकर उसे खरीदारों को बेच दिया जाता था. गिरोह कई राज्यों में फैले अपने नेटवर्क के जरिए लंबे समय से इस धंधे में लगा हुआ था.
40 से ज्यादा मामलों में शामिल है मुख्य आरोपी
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी अमित नगर उर्फ सोनू वर्ष 2011 से वाहन चोरी के अपराध में सक्रिय है. उसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं, मणिपुर निवासी तोइजाम नटराज सिंह चोरी की गाड़ियों का रिसीवर और सप्लायर था तथा उसके खिलाफ भी वाहन चोरी के कई मामले दर्ज हैं.
फरार साथियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि गिरोह का सरगना अशरफ समेत कई अन्य आरोपी अभी फरार हैं. दिल्ली, उत्तर प्रदेश के संभल और मेरठ सहित कई जगहों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. जांच के दौरान BNS की धारा 112 सहित अन्य गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में चोरी की और भी लग्जरी गाड़ियों का पता चल सकता है.
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