सोने-चांदी पर बड़ा फैसला लेने वाली है सरकार, त्योहारों से पहले सस्ता हो रहा गोल्ड

सोने-चांदी पर बड़ा फैसला लेने वाली है सरकार, त्योहारों से पहले सस्ता हो रहा गोल्ड


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • सरकार सोने-चांदी पर आयात शुल्क घटाने पर गंभीरता से सोच रही है.
  • मौजूदा उच्च शुल्क ने तस्करी बढ़ाई, समानांतर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया.
  • शुल्क घटने से स्थानीय कीमतें कम होंगी, औपचारिक व्यापार बढ़ेगा.

केंद्र सरकार सोने-चांदी पर बढ़ाए गए इम्पोर्ट ड्यूटी या आयात शुल्क को वापस लेने पर गंभीरता से सोच रही है ताकि तस्करी रोकने के साथ ही कारोबार में भी आसानी हो. सर्राफा व्यापारियों और ज्वैलर्स एसोसिएशन की तरफ से सरकार से लगातार मांग की जा रही है कि सोने के आयात पर टैक्स को कम कर के दोबारा 6% किया जाए ताकि व्यापार औपचारिक (formal) बना रहे. इस बीच सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि कुछ विभाग इस बात का आकलन कर रहे हैं कि क्या कम टैक्स से तस्करी रुकेगी और औपचारिक इंपोर्ट बढ़ेगा. फिलहाल, इस पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है. 

जुलाई 2024 में बजट के समय में सरकार ने सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी को 15% से घटाकर 6% कर दिया था. इसके बाद 13 मई 2026 को विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ते दबाव और बढ़ते इंपोर्ट बिल को काबू में करने के लिए इसे वापस से बढ़ाकर 15% कर दिया गया. अब सरकार दोबारा अपने इस फैसले पर ‘यू-टर्न’ लेने का सोच रही है. 

सरकार क्यों कर रही है विचार?

सोने और चांदी के इम्पोर्ट पर ज्यादा टैक्स लगने की वजह से सोने की अवैध तस्करी और समानांतर अर्थव्यवस्था (ग्रे मार्केट) को बढ़ावा मिला है. इससे आधिकारिक और अनौपचारिक आयात के बीच कीमतों का अंतर बढ़ गया है. बेशक, सरकार ने डॉलर रिजर्व बचाने के लिए इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाई थी, लेकिन जब तस्करी के चलते अनौपचारिक रूप से डॉलर की मांग बढ़ती है, तो ओपन मार्केट में डॉलर और महंगा हो जाता है.

इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों का कहना है कि ज़्यादा टैक्स ने तस्करी को बढ़ावा दिया है.  भारत आम तौर पर हर साल 700-800 टन सोना खरीदता है और UAE, थाईलैंड और सिंगापुर जैसे बाज़ारों में तैयार गहनों का निर्यात करता है.

कीमतों पर क्या होगा असर?

अगर सरकार वाकई में सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% करती है, तो इससे प्रति 10 ग्राम सोने पर टैक्स का बोझ काफी कम हो जाएगा. इम्पोर्ट ड्यूटी में कमी आने से आयात लागत में  9% की बड़ी गिरावट आएगी, जिससे स्थानीय बाजार में कीमतें तुरंत गिरेंगी. वैसे भी अगस्त के महीने से ड्यूटी में संभावित कटौती की खबरों और सट्टेबाजी के चलते पहले से ही सर्राफा बाजारों में भारी डिस्काउंट देखा जा रहा है. अब जब आधिकारिक ऐलान होगा, तो कीमतों में और कटौती की संभावना है.

ये भी पढ़ें:

महंगी चीनी से 700 की हुई 500 वाली मिठाई, दिल्ली-NCR में रक्षाबंधन पर बिगड़ा बजट 



Source link