- रात भर फोन चार्ज करना खतरनाक आदत हो सकती है।
- यह ट्रिकल चार्जिंग बैटरी स्वास्थ्य घटाती और उसे गर्म करती है।
- बिस्तर पर चार्जिंग से ओवरहीटिंग, धमाके और आग का खतरा है।
- सोने से पहले चार्ज करें, कवर हटाकर और 80-90% पर निकालें।
आजकल लोग दिन भर जमकर फोन चलाते हैं. फिर बेड पर लेटकर भी फोन चलाते हैं और जब उसकी बैटरी बिल्कुल कम हो जाती है. तब उसकी जान छोड़ते हैं फिर सोने से पहले उसे चार्ज पर लगाकर छोड़ देते हैं. क्योंकि सुबह फोन चार्ज करने की झंझट नहीं रहेगी उठते ही 100 परसेंट चार्ज मिलेगा. लेकिन आपकी यह आदत किसी दिन बहुत बड़े हादसे की वजह बन सकती है.
अक्सर लोग यही सोचते हैं कि रातभर चार्जिंग पर छोड़ने से ज्यादा से ज्यादा फोन की बैटरी ही तो खराब होगी. मगर ओवरहीटिंग और वोल्टेज के उतार-चढ़ाव की वजह से स्मार्टफोन में ब्लास्ट होने के कई मामले सामने आ चुके हैं. अगर सोते वक्त आपके सिरहाने रखा फोन फट जाए तो इससे सिर्फ फोन का नुकसान नहीं होगा बल्कि आपकी जान पर भी बन सकती है.
सोते समय फोन चार्ज पर क्यों नहीं लगाना चाहिए?
रात में फोन चार्जिंग पर लगा छोड़ने को लेकर बहुत से लोग यह दलील देते हैं कि आजकल के नए स्मार्टफोन्स में ऑटो कट-ऑफ फीचर आता है. जो बैटरी 100 प्रतिशत होते ही चार्जिंग रोक देता है. यह बात तकनीकी रूप से सही तो है, लेकिन पूरा सच नहीं है. असल में जब फोन चार्जर से जुड़ा रहता है और बैकग्राउंड में ऐप्स, वाई-फाई या नोटिफिकेशन चलते रहते हैं. तो बैटरी 99 प्रतिशत पर आते ही फिर से चार्ज होना शुरू कर देती है.
रातभर में यह प्रोसेस कई बार दोहराई जाती है. जिसे टेक्निकल भाषा में ट्रिकल चार्जिंग कहते हैं. इस लगातार चलने वाले प्रोसेस से लिथियम-आयन बैटरी पर जबरदस्त दबाव पड़ता है और उसके अंदर की केमिस्ट्री बिगड़ने लगती है. नतीजा यह होता है कि कुछ ही महीनों में फोन की बैटरी हेल्थ तेजी से गिर जाती है. फोन बात-बात पर गर्म होने लगता है और कई बार बैटरी फूलने की शिकायत भी आ जाती है.
कब होता है ब्लास्ट?
फोन की बैटरी खराब होना तो फिर भी झेला जा सकता है. लेकिन जब फोन आपके बिस्तर पर हादसे का शिकार बन जाए तो. ज्यादातर लोग रात को फोन चार्जिंग पर लगाकर उसे बिस्तर के गद्दे, कंबल और तकिए के नीचे रख देते हैं. चार्जिंग के दौरान हर फोन थोड़ी बहुत गर्मी बाहर निकालता है. लेकिन जब फोन कपड़े या गद्दे से ढका होता है.
तो उसकी गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और वह बुरी तरह ओवरहीट होने लगता है. ऐसे में अगर रात में अचानक बिजली का वोल्टेज फ्लक्चुएट हो जाए तो बैटरी के अंदर शॉर्ट सर्किट हो सकता है. बैटरी का टेंपरेचर हद से ज्यादा बढ़ने पर इसमें थर्मल रनवे होता है. जिससे फोन धमाके के साथ फट सकता है और बिस्तर में तुरंत आग लग सकती है.

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अपनाएं यह आदतें
अगर आप चाहते हैं कि आपका महंगा फोन भी लंबा चले और आप खुद भी किसी अनहोनी से बचे रहें, तो रात को सोते समय फोन को चार्जिंग पर लगाकर न रखें. या तो आप सोने से पहले अपने फोन को चार्ज कर लें या फिर जब सुबह उठे को चार्जिंग पर लगा दें.
आज लगभग सभी कंपनियां फास्ट चार्जर दे रही है जिससे फोन 30 से 45 मिनट में ही चार्ज हो जाता है. फोन की बैटरी हेल्थ सही रखनी है तो बैटरी जब 20 परसेंट से कम हो तभी फोन चार्ज करें और 80 से 90 परसेंट होते ही उसे चार्जर से निकाल दें. कभी भी फोन चार्ज करते वक्त कवर न लगा रहने दें हमेशा उसे हटाकर ही चार्ज करें.
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