US चुनाव में ट्रंप को लगे बड़े झटके पर आया चीन से रिएक्शन, जानें क्या कहा

US चुनाव में ट्रंप को लगे बड़े झटके पर आया चीन से रिएक्शन, जानें क्या कहा


अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी को मिली बढ़त पर चीन ने बेहद नाप-तोलकर और सधे हुए अंदाज में प्रतिक्रिया दी है. चीन ने कहा कि वह दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को बनाए रखने और उसे लागू करने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनके अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप के बीच इस साल दो दुर्लभ शिखर बैठकें हुईं, जिनका उद्देश्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक स्थिरता लाना था.

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव पर बीजिंग के नजरिए से जुड़े सवाल के जवाब में चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, ‘अमेरिका का मध्यावधि चुनाव एक आंतरिक मामला है.’ चुनावों में, विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल कर लिया और कई अहम गवर्नर पदों पर भी जीत दर्ज की. हालांकि, माओ ने कहा कि चीन दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच बनी महत्वपूर्ण आम सहमति को बनाए रखने और उसे लागू करने, बातचीत बढ़ाने, मतभेदों को सही ढंग से सुलझाने और सहयोग का विस्तार करने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने को तैयार है.

वाशिंगटन के साथ संवाद जारी रहेगा: चीन

उन्होंने कहा कि चीन सम्मान, निष्पक्षता और परस्परता पर आधारित रणनीतिक स्थिरता का रचनात्मक संबंध बनाने के लिए तैयार है. शी जिनपिंग ने इस साल 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा की थी और ट्रंप के साथ कई बैठकें कीं. इससे पहले मई में ट्रंप की बीजिंग यात्रा के बाद, यह उनकी दूसरी शिखर वार्ता थी. बीजिंग ने इन दोनों शिखर वार्ताओं को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया.

माओ निंग ने यह भी कहा कि चीन, अमेरिका और रूस के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि 18-19 नवंबर को शेनझेन में होने वाले आगामी एपेक शिखर सम्मेलन में जिनपिंग, ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच त्रिपक्षीय बैठक हो सके.

बदल गई वॉशिंगटन की राजनीतिक तस्वीर

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यावधि चुनाव में कांग्रेस के दोनों सदनों पर कब्जा जमाने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी को बधाई दी. हालांकि उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी की हार का एक कारण यह बताया कि वह खुद चुनावी बैलेट पर नहीं थे. दूसरी ओर, डेमोक्रेट नेताओं ने महंगाई कम करने और ट्रंप प्रशासन की कड़ी जांच करने का वादा किया. इन चुनाव नतीजों के बाद वॉशिंगटन की राजनीतिक तस्वीर बदल गई है. डेमोक्रेटिक पार्टी जनवरी में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों का नियंत्रण संभालने की तैयारी कर रही है. वहीं, रिपब्लिकन पार्टी को अब अपने नेतृत्व और चुनावी रणनीति पर सवालों का सामना करना पड़ रहा है.

ट्रंप ने हार के लिए किसे ठहराया जिम्मेदार 

हालांकि ट्रंप ने ये भी कहा कि अगर वह खुद चुनाव लड़ रहे होते तो रिपब्लिकन पार्टी का प्रदर्शन बेहतर रहता. उन्होंने हार के लिए कुछ हद तक रिपब्लिकन समर्थकों के कम मतदान और कुछ उम्मीदवारों को लेकर मतदाताओं की नाराजगी को जिम्मेदार ठहराया. यूएस प्रसिडेंट उन्होंने कहा कि उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए काफी मेहनत की, लेकिन उसका चुनावी फायदा नहीं मिल पाया.उन्होंने यह भी याद दिलाया कि राष्ट्रपति के तौर पर उनके पास वीटो की संवैधानिक शक्ति है और डेमोक्रेट्स को कोई कानून पास कराने के लिए व्हाइट हाउस के साथ बातचीत करनी होगी.



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