अमेरिका ने ईरान के खिलाफ फिर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है. इस बार उनकी तेल नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई में भारत स्थित एक दंपत्ति और उनसे जुड़ी कंपनियों पर बैन लगाने का ऐलान किया है. इन पर आरोप है कि इन्होंने फर्जी समुद्री रजिस्ट्रेशन के जरिए ईरान को उसके तेल निर्यात पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने में मदद की.
बुधवार को अमेरिकी वित्त विभाग ने इन प्रतिबंधों की घोषणा की. ये प्रतिबंध चंडीगढ़ के सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति शाहिद पर लगाए गए हैं. उन पर एक ऐसा नेटवर्क चलाने का आरोप है जो ईरानी पेट्रोलियम ले जाने वाले जहाजों को फर्जी पंजीकरण और प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराता था.
दो और लोगों पर लगे बैन
सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी के अलावा दो अन्य भारतीय नागरिकों अश्वनी कुमार धीमान और ईश्वरविंदर सिंह पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं. इन पर आरोप है कि वे इस दंपति से जुड़ी कंपनियों में निदेशक के तौर पर शामिल थे. इस कार्रवाई में भारत से जुड़ी नौ इकाइयों (entities) के नाम शामिल हैं.
इसके अलावा, वाशिंगटन ने तुर्की की कंपनी ‘फ्यूगो ग्राउंड सर्विसेज इंक’ को भी निशाना बनाया है. इस पर आरोप है कि इसने अमेरिका के प्रतिबंधित छह ईरानी एयरलाइनों- ईरान एयर टूर, साहा एयरलाइंस, सेपेहरान एयरलाइंस, वारेश एयरलाइंस, तबान एयरलाइंस और अता एयरलाइंस कंपनी – को ग्राउंड-हैंडलिंग और अन्य सेवाएं मुहैया कराईं.
वाशिंगटन का कहना है कि इस नेटवर्क ने ईरान के ‘शैडो फ्लीट’ (गुप्त बेड़े) को तेल ढोने में मदद की. इसके लिए उन्होंने फर्जी समुद्री दस्तावेजों का इस्तेमाल करके जहाजों की पहचान और उनके मालिकाना हक को छिपाया. इनमें से कुछ जहाज कथित तौर पर ईरानी सेना और उसके प्रॉक्सी (सहयोगी समूहों) के लिए काम करते थे.
क्यों हुई कार्रवाई
यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ का हिस्सा है. इस अभियान का उद्देश्य ईरान की तेल से होने वाली कमाई को रोकना और अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध के लिए ईरान की आर्थिक क्षमता को सीमित करना है.
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने तेहरान का समर्थन करने के आरोपी व्यक्तियों और व्यवसायों को चेतावनी दी है. बेसेंट ने कहा, “जैसा कि हमने कई बार कहा है कि ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट के तहत आप या तो हमारे साथ हैं या हमारे खिलाफ.” उन्होंने आगे कहा, “हमें पता है कि आप कहां हैं और जो लोग ईरानी शासन का समर्थन करना जारी रखेंगे उन पर हम प्रतिबंध लगाएंगे. चाहे वे जमीन, समुद्र या हवा के रास्ते ऐसा कर रहे हों.
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