प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीत लिया है. उन्होंने फाइनल में कनाडा की डेलगाडो सवानाह को बेहद आसानी से हरा दिया. प्रीति नए अपनी बाउट के तीनों राउंड्स में दबदबा बनाए रखा और सभी 5 जजों नए प्रीति के पक्ष में फैसला सुनाया. यह पहली बार है जब 22 वर्षीय प्रीति नए कॉमनवेल्थ गेम्स में कोई मेडल जीता है.
कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रीति पवार ने अपने सभी प्रतिद्वंदियों पर एकतरफा जीत दर्ज करके गोल्ड मेडल जीता है. पहले राउंड में उन्होंने मलावी की एथलीट को नॉकआउट कर दिया था. उसके बाद नॉर्थर्न आयरलैंड और फिर जाम्बिया की एथलीट पर भी एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज करके फाइनल में प्रवेश पाया था.
प्रीति ने पहले राउंड से ही कनाडा की बॉक्सर को अपने पंच लगाने का मौका नहीं दिया. वो दुनिया की नंबर-3 बॉक्सर हैं और एक वर्ल्ड चैंपियन बॉक्सर की तरह खेलीं. उन्होंने पिछले साल वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में गोल्ड मेडल जीता था. भारत के कुल 14 बॉक्सरों नए कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लिया था, जिनमें से 10 नए फाइनल में जगह बनाई है.
भारत का छठा गोल्ड मेडल
प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को बॉक्सिंग का पहला मेडल दिलाया. दूसरी ओर जैसमीन लंबोडिया ने भी गोल्ड मेडल जीत लिया है, जिससे इन खेलों में भारत के पास अब कुल 7 गोल्ड मेडल हो गए हैं. पदक तालिका में भारत अब 7 गोल्ड, 12 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज मेडल के साथ छठे पायदान पर आ गया है.
प्रीति पवार की बात करें तो उन्हें पहली पहचान 2022 एशियन गेम्स में मिली जब उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल जीता था. इसके अलावा वो अंडर-22 एशियन चैंपियनशिप और वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में गोल्ड मेडल विजेता रह चुकी हैं.
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