Navgrah Katha 3: नवग्रहों में पढ़ें मंगल देव की कथा

Navgrah Katha 3: नवग्रहों में पढ़ें मंगल देव की कथा


Navgrah Mangal Dev Katha: एक समय स्वर्गलोक के सत्ता सिंहासन पर आसीन इन्द्रदेव ने सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु से अनुरोध किया कि आप लोग क्रमशः अपने मुख से अपना-अपना शुभ, अशुभ, आकृति-प्रकृति, व्यक्तित्व, प्रभाव, शक्ति, पराक्रम और गरिमा का वर्णन करें. तब नव ग्रहों में सबसे सूर्य ने और फिर चंद्रमा ने अपने गुणों का गुणगान किया, जिसकी कथा हमने आपको बताई थी. यहां पढ़ें- Navgrah Katha 2: इंद्रसभा में चंद्रमा ने बताई अपनी महिमा, नवग्रहों में पढ़ें चंद्र देव की दिव्य कथा

मंगल देव की कथा (Mamgal Dev Kahani)

राजन! आपने चंद्रमा की आत्मप्रशंसा तो सुन ली, लेकिन मेरा महत्व भी किसी से कम नहीं है. मेरा नाम ही मंगल है. जिस व्यक्ति पर मैं प्रसन्न होता हूं, उसका जीवन सुख, साहस और मंगलमय बना देता हूं, लेकिन जब मैं क्रोधित होता हूं तो विनाश करने में भी देर नहीं लगाता. मेरी उग्रता और शक्ति से देवता तक भयभीत रहते हैं.

मैं अग्नितत्व से युक्त, सिंदूरी वर्ण वाला पराक्रमी देव हूं. मनुष्यों के भीतर साहस, शक्ति, रक्त और उत्साह का संचार मैं ही करता हूं. मेरे शुभ प्रभाव से व्यक्ति को वीरता, आत्मविश्वास और सफलता मिलती है, लेकिन अशुभ होने पर दुर्घटना, रक्त संबंधी कष्ट, चोट, क्रोध, संघर्ष और अनेक प्रकार की परेशानियां जीवन में बढ़ जाती हैं.

मैं व्यक्ति को स्वस्थ, मजबूत, साहसी और विजेता बनाता हूं. पुलिस, सेना और पराक्रम से जुड़े क्षेत्रों में सफलता दिलाने में मेरा विशेष प्रभाव माना जाता है. भूमि, भवन और संपत्ति का सुख भी मेरी कृपा से प्राप्त होता है, लेकिन जब मैं अशुभ होता हूं तो व्यक्ति घर-भूमि से वंचित होकर दर-दर भटकने लगता है.

मंगलवार को जन्म लेने वाला व्यक्ति सामान्यतः ऊर्जावान, स्वाभिमानी, वीर और साहसी स्वभाव का होता है. ऐसे लोग खेल, सेना, जासूसी, नेतृत्व और जोखिम वाले कार्यों में आगे रहते हैं. मेरी शुभ स्थिति व्यक्ति को विजय, भूमि लाभ, निर्माण कार्य, राजनीति और साहसिक क्षेत्रों में सफलता देती है, जबकि अशुभ प्रभाव विवाद, ऋण, दुर्घटना, क्रोध और वैवाहिक जीवन में परेशानियां बढ़ा सकता है.

मैं उग्र और प्रभावशाली ग्रह हूं. यदि मेरी स्थिति अनुकूल हो तो व्यक्ति जीवन में ऊंचाइयों को छूता है, लेकिन प्रतिकूल होने पर उसे संघर्ष, रोग, आर्थिक संकट और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है. मंगलवार का व्रत, संयम और पूजा-पाठ मेरे अशुभ प्रभावों को शांत करने में सहायक माने गए हैं.

जो व्यक्ति मंगलवार के दिन व्रत रखता है, नमक का त्याग करता है, चने से बने प्रसाद का सेवन करता है और मेरे मंत्रों का जाप करता है, उस पर मेरी विशेष कृपा बनी रहती है. जो भक्त हनुमान जी को बेसन के लड्डू अर्पित कर उन्हें गाय, कुत्ते, बंदरों और जरूरतमंदों में बांटता है, उसके जीवन में सुख और मंगल बढ़ता है. मंगलवार के दिन गुड़ और चने का सेवन भी स्वास्थ्यवर्धक माना गया है.

यदि कोई व्यक्ति मेरे अशुभ प्रभावों से बचना चाहता है, तो उसे मसूर दाल, चना, गुड़ और लाल वस्त्र का दान करना चाहिए तथा श्रद्धा से मेरी उपासना करनी चाहिए. मेष और वृश्चिक राशियों का स्वामी मैं ही हूं. मकर राशि में मैं उच्च का और कर्क राशि में नीच का माना जाता हूं. जन्म कुंडली में शुभ स्थिति में होने पर मैं व्यक्ति को प्रशासन, सेना, नेतृत्व और भूमि संबंधी कार्यों में बड़ी सफलता दिलाता हूं, लेकिन अशुभ स्थिति जीवन में संघर्ष और कष्ट बढ़ा सकती है.

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