तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को अपने ही संसदीय क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा. नदिया जिले के छपरा में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए गए. महुआ मोइत्रा आज (1 सितंबर) सुबह पार्टी की बैठक में भाग लेने के लिए नदिया के छपरा गई थीं, वहां कुछ लोग काले झंडे लिए जमा हो गए और ‘वापस जाओ’ के नारे लगाए.
विरोध प्रदर्शन करने वालों ने कहा कि उनकी सांसद ने उनके इलाके के लिए कुछ नहीं किया. बाद में, महुआ मोइत्रा वहां से चली गईं. वहां जमा हुए स्थानीय लोगों ने दावा किया कि वे भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे से हैं और उनकी सांसद ने उनके इलाके के लिए कुछ नहीं किया.
इसी बीच, कलकत्ता उच्च न्यायालय ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा को अंडे फेंकने और अन्य प्रकार की उत्पीड़न से 30 दिनों के लिए सुरक्षा प्रदान की है. उनके निर्वाचन क्षेत्र के दौरे के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे. उन्हें 48 घंटे पहले एसपी को सूचित करना होगा. सुरक्षा आदेश से चल रही जांच प्रभावित नहीं होगी. मामले की सुनवाई 1 अक्टूबर को होगी.
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Calcutta High Court has granted TMC MP Mahua Moitra protection for 30 days from egg pelting and other forms of harassment. Two police personnel will be deputed for her security during visits to her constituency. She must inform the SP 48 hours in advance. The protection order… pic.twitter.com/Zukmbj3dJ4
— IANS (@ians_india) September 1, 2026
इससे पहले भी महुआ ने 1 जुलाई को बीजेपी कार्यकर्ताओं पर अंडे फेंकने का आरोप लगाया था. उन्होंने दावा किया कि वह अपने लोकसभा क्षेत्र में पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर रही थीं। इसी दौरान भाजपा समर्थक वहां पहुंच गए और बाहर से अंडे फेंकने लगे. उन्होंने आगे कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से फेंके गए अंडे और पत्थर उन्हें भी लगे. टीएमसी सांसद ने पुलिस पर भी मदद नहीं करने का आरोप लगाया था. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद कई टीएमसी के नेताओं पर अंडे फेंके गए थे.
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