बंगाल चुनाव में ममता की टीएमसी की करारी हार के बाद से पार्टी में उथल पुथल मची है. पार्टी में एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. ताजा मामला है टीएमसी सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले का. इस घटना को लेकर टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि TMC के कई सांसदों और विधायकों की ओर से कोई रिएक्शन नहीं दिया गया.
कुणाल घोष ने कहा कि उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं को अभिषेक बनर्जी के समर्थन में और हमले के विरोध में पोस्ट करते देखा, लेकिन टीएमसी के कई सांसदों, विधायकों और पार्षदों तक की तरफ से कोई रिएक्शन तक नहीं दिया गया. घोष ने कहा कि अगर राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार होती तो इन्हीं लोगों का रवैया और बयानबाजी पूरी तरह अलग होती.
অভিষেকের উপর হামলার প্রতিবাদে অন্য দলের জাতীয়স্তরের নেতাদের পোস্টও দেখলাম। কিন্তু আমাদের দলের বহু সাংসদ, বিধায়ক, কাউন্সিলর, পদাধিকারী, প্রাক্তন সরকারি পদাধিকারীদের পোস্ট নজরে পড়ল না। অথচ সরকারটা তৃণমূলের থাকলে এঁদেরই অনেকের বোলচাল অন্যরকম হত। কারা দলের মঞ্চ ভাঙিয়ে নিজের কাজ…
— Kunal Ghosh (@KunalGhoshAgain) May 30, 2026
क्या बोले कुणाल घोष
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब यह समझना मुश्किल नहीं है कि किन लोगों ने पार्टी के मंच का इस्तेमाल अपने निजी हितों के लिए किया और बाद में किनारा कर लिया. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “दादा, अनुयायी, बॉस, वीडियो और सेल्फी की राजनीति करने वाले लोगों का बड़ा वर्ग आज कहां है?” उनके इस बयान को पार्टी के भीतर नाराजगी और असंतोष के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
पुलिस ने 5 लोगों को किया गिरफ्तार
अभिषेक बनर्जी पर कथित हमले को लेकर पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि ये सभी स्थानीय लोग हैं, जिन्होंने सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी की यात्रा के दौरान उनका विरोध किया और उनसे गाली-गलौज की. वहीं इस घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं, जबकि बीजेपी सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि चुनाव परिणामों को देखते हुए आपको स्थिति को समझ जाना चाहिए था. क्यों आप हीरो बनने के लिए गए.
अभिषेक बनर्जी पर कहां हुआ था हमला
टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी शनिवार को सोनारपुर इलाके के दौरे पर गए थे. यहां उन्हें जनता के भारी विरोध और आक्रोश का सामना करना पड़ा. लोग इतने गुस्से में थे कि उन्होंने अभिषेक बनर्जी पर जूते-अंडे और पत्थर भी फेंके. हालांकि सुरक्षा कर्मियों ने हेलमेट पहनाकर उन्हें जैसे-तैसे निकाला और फिर अभिषेक बनर्जी को अस्पताल ले जाया गया.
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