इंडिया गठबंधन की एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सपोर्ट करने का ऐलान किया है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘कॉकरोच जनता पार्टी, इंडिया ब्लॉक की 1 नवंबर की रैली को अपना समर्थन देती है.’
उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, ‘ज्ञानू (CEC ज्ञानेश कुमार) को जाना ही होगा. देश सबसे बढ़कर है.’
दीपके ने आधिकारिक बयान जारी कर क्या कहा?
अभिजीत दीपके ने बुधवार (28 अक्टूबर, 2026) को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक बयान को X पोस्ट में साझा किया. जिसमें CJP ने INDIA ब्लॉक की 1 नवंबर को होने वाली रैली के समर्थन का ऐलान किया है.
GYANU MUST GO! The Cockroach Janta Party extends its support to the INDIA Bloc’s November 1 rally. Nation above all! #JaiBhim #JaiHind https://t.co/jbSsRQeHEw
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 28, 2026
बयान में अभिजीत दीपके ने कहा, ‘लोकतंत्र का मूल सिद्धांत यह है कि जनता अपनी सरकार को चुने, न कि सरकार अपने मतदाताओं को चुने. SIR के जरिए इस मूल सिद्धांत को कमजोर करने की वजह से ज्ञानेश कुमार ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की निगरानी करने के लिए जरूरी भरोसा खो दिया है. इसलिए चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और आजादी को फिर से बहाल करने के लिए उनका इस्तीफा जरूरी है.’
उन्होंने कहा, ‘जब डॉ. बीआर अंबेडकर ने भारत के संविधान के आकार देने में अपना योगदान दिया, तो उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि देश के हर वयस्क नागरिक को उसकी जाति, धर्म, लिंग, शिक्षा या आर्थिक बैकग्राउंड देखे बिना एक समान रूप से वोट देने का हक मिले. वे समझते थे कि लोकतंत्र तभी सफल हो सकता है, जब देश के भविष्य का फैसला करने में देश के हर नागरिक की बराबर भागीदारी हो. इसके पीछे विचार बहुत ही सामान्य था कि ज्यादा से ज्यादा नागरिकों को लोकतंत्र में शामिल करना, न कि उन्हें इससे बाहर रखना.’
SIR ने योग्य वोटरों के नाम हटाने पर चिंताएं पैदा कर दी- दीपके
अभिजीत दीपके ने कहा, ‘आज SIR की प्रक्रिया ने मतदाता सूचियों से योग्य मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं. नागरिकों के लिए अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना आसान बनाने के बजाय, हम लोगों के बाहर किए जाने की बढ़ती आशंकाएं देख रहे हैं.’
उन्होंने कहा, ‘डॉ. अंबेडकर ने यह सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष किया था कि हर भारतीय की राजनीतिक आवाज एक बराबर हो, चाहे उसकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो. इस सिद्धांत की रक्षा देश की हर सरकार और संवैधानिक संस्था को करनी चाहिए. चुनाव आयोग की जिम्मेदारी हर योग्य नागरिक के वोट के अधिकार की रक्षा करना है, न कि उसके वोट करने के हक के इस्तेमाल में बाधाएं पैदा करना.’
(खबर अपडेट हो रही है)






