इजरायल में चुनाव से पहले नेतन्याहू की ईरान को लेकर चेतावनी- ‘परमाणु खतरा…’

इजरायल में चुनाव से पहले नेतन्याहू की ईरान को लेकर चेतावनी- ‘परमाणु खतरा…’


इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऑथर युवल ब्लूमबर्ग की तरफ से ईरान के परमाणु हथियार को हासिल करने की कोशिश पर दिए बयान को साझा किया है. अपने बयान में युवल ब्लूमबर्ग ने ईरान के परमाणु हथियार को हासिल करने की कोशिश को इजरायल के अस्तित्व के लिए खतरा करार दिया है. उन्होंने कहा कि इजरायल एक वास्तविक और ठोस अस्तित्वगत खतरे में है. अगर ईरान परमाणु हथियार हासिल कर लेता है, तो फिर कुछ भी पहले जैसा नहीं रहेगा.

उन्होंने कहा, ‘ईरान और शिया एक्सिस से पैदा होने वाले अस्तित्वगत खतरे की तुलना में बाकी सब कुछ मामूली है. समय-समय पर खड़े किए जाने वाले ये दिखावटी और मनगढ़ंत विवाद लोगों का ध्यान उस मुद्दे से भटकाने के लिए हैं, जो सबसे ज्यादा मायने रखता है- ईरान में काम को पूरा करना. यह यहां मौजूद हर एक व्यक्ति के अस्तित्व से जुड़ा हुआ मामला है.’

ईरान में काम पूरा करने के लिए हमारे पास ट्रंप के दो साल बाकी हैं- ब्लूमबर्ग

इजरायली पीएम नेतन्याहू ने रविवार (25 अक्टूबर) को X प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए पोस्ट में लेखक युवल ब्लूमबर्ग का बयान साझा किया. ब्लूमबर्ग ने अपने बयान में कहा, ‘ईरान में काम पूरा करने के लिए हमारे पास अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दो और साल बाकी हैं. इसके बाद क्या होगा कोई नहीं जानता. चाहे कमला हैरिस हों या कोई और मेडियोकर दर्जे के नेता हों.’

उन्होंने कहा, ‘आने वाले सालों में अपने भौतिक अस्तित्व को बचाने के लिए जरूरी काम पूरा करने का हमारे पास यही बचा हुआ वक्त है. देश के सारे जरूरी संसाधनों को इस मिशन में लगाया जाना चाहिए.’

अगर दो परमाणु बम गिर जाएं तो दिखावे की परवाह कौन करेगा- ब्लूमबर्ग

ब्लूमबर्ग ने कहा, ‘कतर, हरेदीम, यूरिक, कॉन्सक्रिप्शन और अलर्ट- ये सब एक ही बड़े दिखावे का हिस्सा है, जिसका मकसद महज उस एक मुद्दे को छिपाना है, जो बाकी सभी मुद्दों से कहीं ऊपर है.’

उन्होंने कहा, ‘अगर देश के बीच में दो परमाणु बम गिर जाएं, तो इन सभी दिखावटी विवादों की परवाह कौन करेगा? अगर हम उस ऐतिहासिक मौके को गंवा देते हैं, जो हमारी पीढ़ी के सामने सबसे महत्वपूर्ण मिशन को पूरा करने की कोशिश करने का मौका देता है, तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी.’

ये ऐसे PM के नेतृत्व में नहीं हो सकता, जो दबाव में जकड़ रखा हो- ब्लूमबर्ग

युवल ब्लूमबर्ग ने कहा, ‘यह काम ऐसे प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नहीं हो सकता, जिसे मुस्लिम ब्रदरहुड और आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों ने अपने दबाव में जकड़ रखा हो. ये ऐसे पीएम के नेतृत्व में नहीं हो सकता, जो फोन उठाकर ट्रंप के साथ लगातार और करीबी बातचीत नहीं कर सकता. यह ऐसे पीएम के नेतृत्व में नहीं हो सकता, जो टीवी इंटरव्यू के दबाव का सामना नहीं कर सकता.’

उन्होंने कहा, ‘नेतन्याहू के लिए चाहे जितनी नफरत हो, वह ईरान के परमाणु खतरे से निपटने में कोई मदद नहीं करेगी. जो कोई भी अपने, अपने परिवार और अपने प्रियजनों के अस्तित्व की परवाह करता है, उसे ऐसे शख्स के पक्ष में वोट करने से पहले गंभीरता से सोचना चाहिए, जो इस मिशन को पूरा करने में सक्षम नहीं होगा.’

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