फ्रांस की राजधानी पेरिस और तिराना की सड़कों से लेकर मैड्रिड, रोम और लिस्बन तक यूरोप में विरोध प्रदर्शनों की एक नई लहर देखने को मिल रही है. लोगों की तरफ से यह विरोध प्रदर्शन लिविंग कॉस्ट, हाउसिंग प्रेशर, सरकारी नीतियों और कई अन्य सामाजिक मुद्दों पर बढ़ते आक्रोश की वजह से हो रहे हैं.
फ्रांस के अलावा, इटली, अल्बानिया और स्पेन जैसे यूरोपीय देशों में इन प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के साथ झड़प के भी कई मामले सामने आए हैं, क्योंकि अधिकारी बढ़ते असंतोष और हिंसा को कंट्रोल करने में मुश्किल का सामना कर रहे हैं.
कैसा है फ्रांस का हाल?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने कहा कि पुलिस ने देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच करीब 1,000 लोगों को गिरफ्तार किया है. अधिकारियों को काले कपड़े पहले उग्र प्रदर्शनकारियों की तरफ से एक्सट्रीम लेवल की हिंसा का सामना करना पड़ा. हालांकि, बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन नुनेज ने कहा, ‘अल्ट्रा-लेफ्ट गुटों ने पुलिस पर कई तरह की चीजें और पटाखे फेंके, ताकि पुलिस को उकसाकर टकराव की स्थिति पैदा की जा सके.
गृह मंत्रालय के अनुसार, शनिवार (24 अक्टूबर, 2026) को देशभर में करीब 4.10 लाख लोगों ने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया, जिनमें 1.10 लाख लोग पेरिस में थे. प्रदर्शन आयोजित करने वाले संगठनों में शामिल CGT यूनियन ने पूरे फ्रांस में प्रदर्शनकारियों की संख्या करीब 8 लाख बताई, जिनमें 2.50 लाख लोग पेरिस में थे.
अल्बानिया में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प
अल्बानिया की राजधानी तिराना में शनिवार (24 अक्टूबर, 2026) को हजारों लोग एक और सरकार-विरोधी प्रदर्शन में शामिल हुए. यह प्रदर्शन कई दिनों से जारी हिंसक अशांति के बाद हुआ. तनाव के बढ़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया.
अक्टूबर महीने से प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच लगातार झड़पें हो रही हैं. अधिकारियों ने बताया कि कई सरकारी बिल्डिंगों पर हमले किए गए. इस दौरान दर्जनों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और 300 से ज्यादा प्रदर्शनकारी और पुलिसवाले घायल भी हुए हैं. इस दौरान जहां शनिवार (24 अक्टूबर) को अल्बेनियाई पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर रबर बुलेट चलाए, वहीं प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर पटाखे फेंके.
इटली में हजारों लोगों ने प्रदर्शन में लिया हिस्सा
इटली में पिछले हफ्ते की आखिर में हुई हिंसक झड़पों के बाद व्यापक कार्रवाई के बावजूद शनिवार (24 अक्टूबर) को हजारों लोगों ने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया. इसे देखते हुए अधिकारियों ने देशभर में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की. पुलिस के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनों के दौरान झड़पें होने के बाद 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 371 अन्य लोगों को कुछ वक्त के लिए हिरासत में लेकर 8 अलग-अलग शहरों के पुलिस थानों में ले जाया गया, जिसमें 110 नाबालिग भी शामिल थे.
देश में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने इसी हफ्ते कड़े सुरक्षा उपायों को मंजूरी दी थी. जबकि प्रदर्शनों से पहले दर्जनों स्थानों पर तलाशी और गिरफ्तारियां भी की गईं. वहीं, इटली में प्रदर्शनकारी हाउसिंग कॉस्ट, ईंधन की महंगाई और कॉस्ट ऑफ लिविंग जैसे मुद्दे उठा रहे हैं.
इसके साथ ही, यूरोपीय देश, स्पेन और पुर्तगाल में भी कई हाउसिंग कॉस्ट के अलावा अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शनकारी सड़क पर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
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