पुलिस पर फेंके पटाखे, सड़कों पर आग… क्यों जल रहा अल्बानिया?

पुलिस पर फेंके पटाखे, सड़कों पर आग… क्यों जल रहा अल्बानिया?


अल्बानिया की राजधानी तिराना में सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान हैरी पॉटर की किसी फिल्म के जैसा दृश्य दिखा. बस फर्क इतना था कि वहां न तो कोई जादूगर थे और न ही वहां कोई उसका कोई सुखद अंत होता दिखाई दिया. तिराना में प्रदर्शनकारियों ने दंगा-रोधी पुलिस पर आतिशबाजी की बौछार कर दी, जिससे सड़कें आग के नजारे में तब्दील हो गईं.

वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे शनिवार को सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने दंगा-रोधी पुलिस की तरफ आतिशबाजी के रॉकेट दागे, जो वहां जाकर फटने लगे. रॉयटर्स के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंके और कृषि मंत्रालय के प्रवेश द्वार पर आग लगा दी, जिसके जवाब में दंगा-रोधी पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस, पानी की बौछारों और रबर की गोलियों का इस्तेमाल किया.

तिराना समेत कई जगहों पर प्रदर्शन
दरअसल अल्बानिया में सरकार के कथित भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और शिक्षा के खराब स्तर को लेकर छात्रों के नेतृत्व में हो रहे विरोध-प्रदर्शन इस महीने के बीच में तिराना और अल्बानिया के अन्य शहरों में फैल गए हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री एडी रामा के इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने सरकारी इमारतों और बैंकों को निशाना बनाया. इसके अलावा दुकानों की खिड़कियां तोड़ीं और पुलिस पर फेंकने के लिए सड़क के पत्थर उखाड़ लिए.

रॉयटर्स के मुताबिक, यह अशांति गर्मियों में हुए उन विरोध-प्रदर्शनों के बाद शुरू हुई है, जो काफी हद तक शांतिपूर्ण थे. ये प्रदर्शन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर द्वारा समुद्र तट पर एक लग्जरी प्रोजेक्ट के खिलाफ किए गए थे.

तिराना में प्रदर्शनकारियों ने पिछले हफ्ते पुलिस पर फ्लेयर्स, फायरबॉम्ब और आतिशबाजी भी फेंकी थी. छात्रों ने ट्यूशन फीस कम करने, शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी निवेश बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. इनमें से कुछ छात्र रामा सरकार के खिलाफ चल रहे आंदोलन में भी शामिल हो गए हैं.

अल्बानिया में हो रहे ये विरोध प्रदर्शन फ्रांस, इटली, स्पेन और पुर्तगाल सहित कई यूरोपीय देशों में चल रहे प्रदर्शनों का ही हिस्सा हैं. इन प्रदर्शनों में भ्रष्टाचार और शिक्षा से लेकर जीवन-यापन की लागत, पेंशन और आवास जैसे कई मुद्दे शामिल हैं.

ये भी पढ़ें

‘ऐसे लोगों को आने दिया जो…’, फ्रांस प्रोटेस्ट पर ये क्या बोल गए डोनाल्ड ट्रंप



Source link