रूस और यूक्रेन के बीच ओलेश्की शहर तक युद्धविराम अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने कराया है, यह बयान व्हाइट हाउस ने दिया है.
फॉक्स न्यूज के मुताबिक, मेलानिया ट्रंप ने घोषणा की है कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से दक्षिणी यूक्रेन के एक शहर में स्थानीय स्तर पर युद्धविराम करवाया है. इससे वहां मानवीय सहायता पहुंच सकेगी. आम नागरिक सुरक्षित बाहर निकल सकेंगे.
मेलानिया के ऑफिस के मुताबिक रिपोर्ट में बताया गया कि रूस और यूक्रेन दोनों ही इस इलाके में कुछ समय के लिए सैन्य कार्रवाई रोकने पर राजी हो गए हैं. ओलेश्की शहर में कुल 24 हजार लोग रहते हैं. अब वहां केवल 2 हजार निवासी ही बचे हैं. ओलेश्की, खेरसोन के पास दक्षिणी यूक्रेन में स्थित शहर है.
BBC की रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस की तरफ से बयान में कहा गया है कि तबाही की कगार पर खड़े इस शहर में सीजफायर 29 अक्टूबर को होगा. हालांकि, यूक्रेन और रूस ने अभी किसी तरह की टिप्पणी इस बयान पर नहीं दी है.
जंगली घास-फूस खाने को मजबूर ओलेश्की के लोग
मेलानिया ट्रंप के बयान में आगे कहा गया है कि ओलेशकी में अब जो लोग बचे हैं. उनमें मुख्य रूप से बुजुर्ग शामिल हैं. इन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता, दवाओं, भोजन और साफ पानी की जरूरत है. खेरसोन पर रूस ने शुरुआती हमलों के दौरान ही 2022 में कब्जा लिया था. यहां लोगों को जिंदा रहने के लिए बगीचों में उगने वाली जंगली घास-फूस खाने पर मजबूर होना पड़ रहा है.
बयान में कहा गया है कि दोनों देश के गैर सैन्य और नागरिक नेता मिलकर ओलेश्की के लोगों के घरों तक जाएंगे और पता लगाएं, कि उन्हें किस तरह की मदद की जरूरत है. जो निवासी वहां से निकलना चाहते हैं, उन्हें हर तरह की मदद और अपनी पसंद की जगह तक जाने के लिए परिवहन की सुविधा दी जाएगी. मुझे लगता है कि कुछ लोग रूस जाना चाहेंगे. तो कुछ यूक्रेन.
बयान में ओलेश्की को लेकर चिंतित मेलानिया
मेलानिया ने बताया है कि ओलेश्की के रहने वाले लोगों के लिए बिजली की बहुत सीमित सुविधा है. वे बारूदी सुरंगों वाली सड़कों के बीच रह रहे हैं. लगातार सैन्य हमलों का सामना कर रहे हैं. अगर मैं इसमें दखल न देती तो शहर तक मानवीय सहायता पहुंचाना और बुजुर्गों को वहां से सुरक्षित निकालना नामुमकिन होता.
ओलेश्की के हालात पर क्या बोले यूक्रेन-रूस?
ओलेश्की कई बार खबरों में रहा है. यूक्रेन ने कहा है कि उसने वहां तक जरूरी सामान पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन हाल के महीनों में सफलता नहीं मिली. खुद रूस ने ओलेश्की की स्थिति को गंभीर माना था. रूस ने कहा था कि वह इन हालातों को सुधारने पर काम कर रहे हैं. वहीं, कीव को जिम्मेदार ठहराया था. ओलेश्की वो शहर है, जो नीपर नदी और रूसी सेना के बींच फंसा हुआ है. यह नदी ओलेश्की को यूक्रेनी ठिकानों से अलग करती है.





