4 घंटे तक भूकंप के तेज झटकों से कांपता रहा तिब्बत, 16 की मौत, 46 घायल, जानें अपडेट

4 घंटे तक भूकंप के तेज झटकों से कांपता रहा तिब्बत, 16 की मौत, 46 घायल, जानें अपडेट


गुरुवार रात भूकंप के जोरदार झटकों से तिब्बत कांप उठा है. तिब्बत में 7 तीव्रता के जोरदार झटकों से जान-माल का काफी नुकसान हुआ है. तिब्बत में 4 घंटे में 13 बार भूकंप के झटके महसूस हुए हैं. इसके साथ ही चीन में भी कई बार भूकंप के झटके महसूस हुए हैं. शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है. तिब्बत के अलावा पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके लगे हैं.

भूकंप के बाद शिजांग में लेवल-3 आपातकालीन प्रतिक्रिया शुरू कर दी गई है. राहत और बचाव कार्यों के लिए 300 से ज्यादा पुलिसकर्मियों और 347 बचाव कर्मियों को तैनात किया गया है. प्रभावित बाछेन काउंटी में राहत सामग्री की खेप पहुंचाई जा रही है. प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान जारी है.

13 बार आया भूकंप

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से तिब्बती पठार को बेहद संवेदनशील और भूकंप-संभावित क्षेत्र माना जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह क्षेत्र ठीक उस स्थान पर स्थित है जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेट आपस में मिलती हैं.  भूकंप की टाइमिंग की बात करें तो पहला झटका रात 08:03:42 बजे आया था. उसके बाद रात 08:42 बजे, 09:09 बजे, 09:15 बजे, 09:47 बजे, 09:51 बजे, 10:20 बजे, 10:28 बजे, 10:40 बजे, 11:17 बजे, 11:36 बजे, 11:55 बजे और आखिर में रात 12:01 बजे आया था.

173 किमी की गहराई में था सेंटर
नेशनल सेंट फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भारतीय समयानुसार रात करीब 8:03 बजे भूकंप आया था. भूकंप का केंद्र राजधानी ल्हासा से करीब 400 किमी दूर उत्ती तिब्बत के नागकू सिटी में जमीन से लगभग 173 किमी की गहराई में था.

सबसे बड़ा भूकंप
बता दें ये पिछले 5 सालों में आया सबसे बड़ा भूकंप है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भूकंप के बाद कम से कम 339 घर ढह गए हैं. मलबे में फंसे लोगों की तलाश और बचाव काम जारी है. विस्थापित लोगों को शिफ्ट किया जा रहा है.

विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता तापमान, तेजी से पिघलते ग्लेशियर और लगातार बढ़ रही चरम मौसम संबंधी घटनाएं चिंगहाई-तिब्बत पठार में प्राकृतिक आपदाओं के खतरे को और बढ़ा सकती हैं. 

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