इन तरीकों से दोगुना उपजाऊ हो जाएगी मिट्टी, जान लें काम की बात

इन तरीकों से दोगुना उपजाऊ हो जाएगी मिट्टी, जान लें काम की बात


अच्छी फसल के लिए मिट्टी का उपजाऊ होना बहुत जरूरी है. अगर खेत की मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी होने लगे तो फसल की पैदावार पर असर पड़ता है. ऐसे में किसान कुछ आसान तरीकों को अपनाकर मिट्टी की सेहत सुधार सकते हैं. गोबर की खाद डालना, हरी खाद का इस्तेमाल करना और हर मौसम में अलग-अलग फसलें उगाना इसमें मददगार है. आइए जानते हैं कि किन तरीकों से मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाएं. 

मिट्टी की सेहत सुधारने के गोबर से 

अगर आप चाहते हैं कि आपके खेत की मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बनी रहे, तो उसमें अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद और कंपोस्ट डालें. कंपोस्ट ऐसी खाद होती है, जो सूखे पत्तों, सब्जियों के बचे हुए हिस्सों और दूसरे जैविक कचरे को सड़ाकर बनाई जाती है. यह खाद मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ाने में मदद करती हैं. इससे मिट्टी की बनावट बेहतर होती है और उसमें पानी रोककर रखने की क्षमता भी बढ़ती है. खाद की सही मात्रा खेत की मिट्टी और उगाई जाने वाली फसल पर निर्भर करती है. इसलिए खाद डालने से पहले मिट्टी की जांच कराना फायदेमंद रहता है.

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हरी खाद करें इस्तेमाल

मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए हरी खाद भी एक अच्छा तरीका है. इसके लिए ढैंचा और सनई जैसी फसलें उगाई जाती हैं. जब पौधे कुछ बड़े हो जाते हैं तो उन्हें खेत की मिट्टी में मिला दिया जाता है. कुछ समय बाद ये पौधे गलकर मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ाते हैं. इससे मिट्टी की सेहत सुधारने में मदद मिलती है. हरी खाद का इस्तेमाल करने से पहले अपने इलाके की जलवायु, मिट्टी और मुख्य फसल के हिसाब से सही पौधे चुनना जरूरी है. इसके लिए कृषि विशेषज्ञ या कृषि विज्ञान केंद्र से सलाह लें.

हर बार एक ही फसल न उगाएं

अगर आप हर साल खेत में एक ही फसल उगाते हैं तो मिट्टी में कुछ पोषक तत्वों की कमी होती है. इससे बचने के लिए फसल चक्र अपनाएं. खेत में अलग-अलग मौसम में अलग-अलग फसल के साथ ही फसल के बचे हुए हिस्से को सही तरीके से मिट्टी में मिलाना फायदेमंद रहता है. ध्यान रखें कि मिट्टी की उपजाऊ शक्ति एक दिन में नहीं बढ़ती. इसके लिए लगातार सही देखभाल, संतुलित खाद और मिट्टी की जांच जरूरी है.

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