कैसे सत्यवती की संतानों की मौत ने बदल दी महाभारत की पूरी दिशा और कुरुवंश का भविष्य

कैसे सत्यवती की संतानों की मौत ने बदल दी महाभारत की पूरी दिशा और कुरुवंश का भविष्य


सत्यवती की संतानों के विवाह और मृत्यु की कथा महाभारत का अत्यंत महत्वपूर्ण प्रसंग मानी जाती है. राजा शांतनु और सत्यवती से दो पुत्र उत्पन्न हुए चित्रांगद और विचित्रवीर्य. शांतनु की मृत्यु के बाद बड़े पुत्र चित्रांगद हस्तिनापुर के राजा बने थे. वे अत्यंत पराक्रमी और युद्धकला में निपुण थे. उनके तेज और बल की चर्चा चारों दिशाओं में होने लगी थी.

चित्रांगद अपने पराक्रम के कारण अनेक राजाओं को युद्ध में पराजित करते थे. उसी समय गंधर्वलोक में भी चित्रांगद नाम का एक शक्तिशाली गंधर्व था. समान नाम होने के कारण उसने राजा चित्रांगद को युद्ध की चुनौती दी. दोनों के बीच भयंकर युद्ध हुआ, जो कई दिनों तक चलता रहा था. अंत में गंधर्व चित्रांगद ने राजा चित्रांगद का वध कर दिया था.

चित्रांगद अपने पराक्रम के कारण अनेक राजाओं को युद्ध में पराजित करते थे. उसी समय गंधर्वलोक में भी चित्रांगद नाम का एक शक्तिशाली गंधर्व था. समान नाम होने के कारण उसने राजा चित्रांगद को युद्ध की चुनौती दी. दोनों के बीच भयंकर युद्ध हुआ, जो कई दिनों तक चलता रहा था. अंत में गंधर्व चित्रांगद ने राजा चित्रांगद का वध कर दिया था.

Published at : 26 May 2026 06:20 AM (IST)

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