अमेरिका और ईरान के बीच अभी तक मसला सुलझ नहीं पाया है. इसकी वजह से दुनिया के तमाम देश प्रभावित हो रहे हैं. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान आया है. उन्होंने ईरान के साथ डील के मसले पर बात करते हुए सोमवार (25 मई) को कहा कि ईरान के साथ एक शानदार डील होगी या फिर कोई डील होगी ही नहीं. अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम फिर से युद्ध के मैदान में होंगे.
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर लिखा, ‘ईरान के साथ बातचीत बहुत अच्छी चल रही है! यह या तो सभी के लिए एक ‘शानदार डील’ होगी, या फिर कोई डील होगी ही नहीं. अगर डील नहीं हुई, तो हम वापस युद्ध के मैदान में होंगे और गोलियां चलेंगी, लेकिन इस बार पहले से कहीं ज़्यादा बड़े और मज़बूत पैमाने पर, और कोई भी ऐसा नहीं चाहता.’
ट्रंप ने कहा, ‘शनिवार को सऊदी अरब के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद, संयुक्त अरब अमीरात के मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान, कतर के अमीर तमीम बिन हमद बिन खलीफ़ा अल थानी, प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम बिन जाबेर अल थानी और मंत्री अली अल-थवादी, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर अहमद शाह, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला सेकेंड और बहरीन के राजा हमद बिन ईसा अल खलीफ़ा के साथ हुई मेरी चर्चाओं के दौरान, मैंने यह बात कही कि, इस बेहद उलझी हुई पहेली को सुलझाने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा किए गए तमाम प्रयासों के बाद, यह अनिवार्य होना चाहिए कि ये सभी देश, कम से कम, एक ही समय पर ‘अब्राहम समझौते’ (Abraham Accords) पर हस्ताक्षर करें.’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘जिन देशों पर चर्चा हुई वे हैं, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन हो सकता है कि इनमें से एक या दो देशों के पास ऐसा न करने का कोई कारण हो, और उस कारण को स्वीकार कर लिया जाएगा, लेकिन ज़्यादातर देशों को तैयार, इच्छुक और सक्षम होना चाहिए, ताकि वे ईरान के साथ इस समझौते को, अन्यथा होने वाली स्थिति की तुलना में, कहीं ज़्यादा ‘ऐतिहासिक घटना’ बना सकें.’
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