Fuel Price Hike: ‘महंगाई डायन खाई जात है’ ये महज एक गाना या जुमला नहीं है, बल्कि आज के समय की सच्चाई है. जिस हिसाब से महंगाई बढ़ रही है इसका असर लोगों के खाने- पीने से लेकर रोजमर्रा के जीवन की हर एक चीज पर पड़ रहा है. हाल ही में पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतें बढ़ी हं, जिसका असर अब आम आदमी की जेब पर साफ दिखाई देने लगा है. ट्रांसपोर्ट कॉस्ट बढ़ने से रोजमर्रा की जरूरत की कई चीजें महंगी होने की आशंका बढ़ गई है. क्योंकि जब माल ढुलाई (Transportation) का खर्च बढ़ता है, तो कंपनियां और व्यापारी उसका बोझ सीधे ग्राहकों पर डाल देते हैं.
ट्रांसपोर्ट का बढ़ा खर्च
दरअसल, देश में ज्यादातर सामान ट्रक, टेंपो और दूसरे कमर्शियल वाहनों के जरिए एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाया जाता है. ऐसे में ईंधन महंगा होने पर ट्रांसपोर्ट कंपनियों का खर्च बढ़ जाता है. इसका असर खाने-पीने की चीजों से लेकर ऑनलाइन डिलीवरी और बस-ऑटो किराए तक पर पड़ सकता है.
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इन चीजों पर पड़ सकता है असर
- फल और सब्जियां
- दूध और डेयरी प्रोडक्ट
- राशन और पैकेज्ड फूड
- ऑनलाइन डिलीवरी
- बस, ऑटो और टैक्सी किराया
- सीमेंट, सरिया और निर्माण सामग्री
- कपड़े और घरेलू सामान
- गैस सिलेंडर और जरूरी उपभोक्ता वस्तुएं
किचन पर पड़ेगा असर
केवल इतना ही नहीं बल्कि इससे सब्जी और फल सबसे पहले महंगे हो सकते हैं क्योंकि इन्हें रोज लंबी दूरी से मंडियों तक लाया जाता है. दूध, ब्रेड, दही और पैकेज्ड फूड जैसी चीजों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं. वहीं ई-कॉमर्स कंपनियां भी डिलीवरी चार्ज बढ़ा सकती हैं.
किराये में बढ़ोतरी
पेट्रोल- डीजल की कीमतें बढ़ने की वजह से बस, टैक्सी और ऑटो के किराए में बढ़ोतरी से रोज सफर करने वालों का मासिक बजट बिगड़ सकता है. इतना ही नहीं ट्रांसपोर्ट के महंगा होने से निर्माण सामग्री की लागत भी बढ़ेगी. सीमेंट, सरिया, रेत और ईंट जैसे सामान महंगे होने पर घर बनाना और मरम्मत कराना महंगा पड़ सकता है.
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आम आदमी के जेब पर बढ़ेगा बोझ
अगर ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है. इसका सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ेगा, क्योंकि उनकी आमदनी सीमित होती है जबकि रोजमर्रा के खर्च लगातार बढ़ते जाते हैं. ट्रांसपोर्ट कॉस्ट में बढ़ोतरी सीधे महंगाई को बढ़ाती है और इसका असर आखिरकार आम आदमी की जेब पर ही पड़ता है.






