डिस्ट्रीब्यूटर के पास गैस सिलेंडर है या नहीं? सरकार ने बताया, सप्लाई पर दिया बड़ा अपडेट

डिस्ट्रीब्यूटर के पास गैस सिलेंडर है या नहीं? सरकार ने बताया, सप्लाई पर दिया बड़ा अपडेट


US- Iran war: यूएस और ईरान के बीच चल रह तनाव के चलते देश में कुछ महत्वपूर्ण चीजों की आपूर्ति को लेकर कमी देखी गई. जिसमें सबसे महत्वपूर्ण तो LPG गैस है, हालांकि अब लगता है कि इन चीजों की आपूर्ति में अब थोड़ी बढ़त हुई है. अब हाल ही में सरकार की तरफ से भी LPG और खाद- यूरिया की आपूर्ति को लेकर भी बड़े अपडेट सामने आया है.

LPG सप्लाई बढ़ी
हाल ही में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने LPG को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया है. उन्होंने बताया है कि अब देश में कमर्शियल LPG का आवंटन 70 प्रतिशत तक बढ़ गया है. हालांकि कुछ वितरक केंद्रों पर पैनिक होकर लोग सिलेंडर खरीदने पहुंच रहे थे, बावजूद इसके सरकार के पास एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति है और किसी भी वितरक के पास कमी नहीं है. सुजाना ने कहा, ‘अधिकांश डिलीवरी अब प्रमाणीकरण प्रणाली (DAC) के जरिए हो रही हैं और करीब 93 प्रतिशत एलपीजी सिलेंडरों को ऑथेंटिकेशन कोड के साथ ही डिलीवर किया गया है. अब तक 1,65,000 टन से ज्यादा कमर्शियल LPG सिलेंडर बेचे जा चुके हैं’.

खाद और उर्वरकों की नहीं है कमी
इसके अलावा उर्वरक विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा शर्मा ने भी सोमवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान उर्वरकों की कमी के बारे में बात करते हुए कहा, ‘उर्वरकों की अवेलेबिलिटी मजबूत बनी हुई है और आपूर्ति जरूरत से भी ज्यादा है और अब तक किसी भी प्रकार की कमी की कोई सूचना नहीं मिली है. 1 अप्रैल 2026 से 26 अप्रैल 2026 तक यूरिया की उपलब्धता 71.58 लाख मीट्रिक टन है, जबकि जरूरत केवल 18.17 लाख मीट्रिक टन की थी. इसी तरह DAP की अवेलेबिलिटी भी 22.35 लाख मीट्रिक टन है जबकि देशभर में इसकी जरूरत 5.90 लाख मीट्रिक टन ही है.

बता दें कि पिछले दिनों सामने आई कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया था कि भारत में यूरिया की सप्लाई को सिक्योर करने के लिए ज्यादा कीमतों पर इसे खरीदा जा रहा है, जिससे सप्लाई प्रभावित ना हो सके. हालांकि सरकार ने ऐसे किसी भी दावे को खारिज कर दिया है. 



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