आखिरकार तमिलनाडु में विजय की तीन साल पहले बनाई गई पार्टी ने सत्ता हासिल कर ली है. इस बार के जनादेश ने राज्य में चली आ रही पारंपरिक राजनीति को खत्म कर दिया है. हालांकि, चुनाव नतीजे के बाद से टीवीके चीफ जोसेफ सी. विजय के लिए काफी उतार चढ़ाव वाले रहे हैं. वह लगातार अन्य पार्टियों से बहुमत के आंकड़े जुटाने की कोशिश में लगे हुए थे. आखिरकार 9 मई को उनको समर्थन मिल गया और उन्होंने सरकार बनाने का दावा पूरा करते हुए, 10 बजे शपथ ले ली.
विजय की नेतृत्व वाली सरकार का सस्पेंस थ्रिलर उस वक्त खत्म हुआ, जब उन्हें IUML और VCK का समर्थन हासिल हुआ. राज्यपाल आरवी अर्लेकर ने सरकार बनाने की मंजूरी दे दी. विजय के शपथ ग्रहण में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए.
आखिर चुनाव परिणामों के बाद से क्या हुआ?
4 मई को तमिलनाडु के चुनाव नतीजे आए. विजय की टीवीके ने 108 सीटें जीतीं. सबसे बड़ी पार्टी बनी. हालांकि, टीवीके बहुमत के आंकड़े से पिछड़ गई. ऐसे में उसे गठबंधन के लिए अन्य सहयोगी पार्टियों की जरूरत थी.
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अगले कुछ वक्त में दूसरी पार्टियों के साथ संभावित गठबंधन को लेकर बातचीत हुई. इसमें कांग्रेस ने पांच विधायकों के समर्थन का प्रस्ताव रखा. इसके बाद सीपीआई और सीपीआईएम ने काफी उठापटक के बाद समर्थन दे दिया. इसके बाद शनिवार को IUML और वीसीके का समर्थन भी टीवीके को मिल गया.
विजय ने सरकार बनाने के लिए चार बार राज्यपाल से मुलाकात की
हालांकि, सरकार बनाने का दावा लेकर विजय ने चार बार राज्यपाल से मुलाकात की. लेकिन राज्यपाल ने उन्हें आंकड़े जुटाने का कहकर वापस भेज दिया. अब विजय फिल्मी सितारों की दुनिया से निकलकर राजनीतिक सुपरस्टार के तौर पर दुनिया और तमिलनाडु के उभरे हैं. अगर विजय यह सबकुछ उठापटक नहीं करते तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लग जाता.
विजय का जन्म साल 1974 में हुआ था. उन्होंने 1992 में फिल्म नालैया थीरपू से अपने करियर की शुरुआत की. उन्हें एक लवर बॉय के तौर पर काफी सफलता मिली. यही उनकी पहचान बन गया. साल 2024 में उन्होंने फिल्मी दुनिया को छोड़कर राजनीति में कदम रखा.
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