First Ganesh Murti Pran Pratishtha: जहां सांबा और कार्निवल की धुनें सबसे ज्यादा सुनाई देती हैं वहीं अब ब्राज़ील की धरती पर वैदिक मंत्रों की गूंज भी सुनाई देने लगी है. दक्षिण अमेरिका के देश ब्राज़ील में पहली बार भगवान गणेश की मूर्ति की वैदिक विधि से प्राण प्रतिष्ठा की गई, जिसने भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहुंच को एक नया आयाम दिया है.
ब्राजील में पहली बार गणेश प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा
रियो डी जनेरियो के खूबसूरत शहर पेट्रोपोलिस स्थित विश्व विद्या सांस्कृतिक केंद्र इस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बना. मंत्रोच्चार, हवन, दीप और भक्तिभाव के बीच जब गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित हुई तो वहां मौजूद लोगों के लिए और हर भारतीय के लिए ये लम्हां सुनहरे पलों में दर्ज हो गया. इसका वीडियो अब वायरल हो रहा है.
अनमोल पल : ब्राज़ील के पेट्रोपोलिस स्थित Centro Cultural Vishva Vidya में भगवान गणेश की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा हुई। भारत के राजदूत एवं पद्मश्री आचार्य की उपस्थिति में आयोजित यह समारोह सनातन संस्कृति के वैश्विक प्रभाव को चित्रित कर रहा है। लैटिन अमेरिका में यह पहली बार हुआ है।… pic.twitter.com/yiZa6HteUO
— Gajendra Singh Shekhawat (@gssjodhpur) May 12, 2026
इस समारोह में भारतीय मूल के लोगों के साथ बड़ी संख्या में ब्राजीलियाई नागरिक भी शामिल हुए. ये आयोजन इस बात का संकेत भी माना जा रहा है कि भारतीय संस्कृति अब केवल भारत तक सीमित नहीं रही. योग, वेदांत और सनातन परंपराओं के प्रति दुनियाभर में रुचि बढ़ रही है.
इस पूरे आयोजन में ब्राजील के प्रसिद्ध वेदांत शिक्षक जोनास मासेटी की सक्रिय भागीदारी भी चर्चा का विषय रही. स्वामी दयानंद सरस्वती की शिक्षाओं से प्रेरित मासेटी लंबे समय से भारतीय दर्शन को लैटिन अमेरिका में लोकप्रिय बना रहे हैं.
जोनास मासेटी ने भारतीय वैदिक संस्कृति अपनाकर ‘वेदांताचार्य’ के रूप में वैश्विक पहचान बनाई है। उन्हें आचार्य विश्वनाथ के नाम से भी जाना जाता है.
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