यमुना नदी की पहचान रही रोहू और कतला जैसी देसी मछलियां अब धीरे-धीरे गायब हो रही हैं. जो एक बड़ा चिंता का विषय है. रिसर्च बताती है कि कभी यमुना में देसी मछलियों का बोलबाला था. लेकिन अब इनकी संख्या में भारी गिरावट आई है. इसके पीछे बढ़ता प्रदूषण और नदी के इकोसिस्टम में होने वाले बदलाव बड़ी वजह माना जा रहा है.

नदी में बढ़ती गंदगी और टॉक्सिक कचरा देसी मछलियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. शहरों का गंदा पानी और फैक्ट्रियों से निकलने वाले केमिकल्स ने यमुना के पानी को इतना जहरीला बना दिया है कि उसमें ऑक्सीजन का लेवल गिर गया है. देसी मछलियां साफ पानी और पर्याप्त ऑक्सीजन के बिना सर्वाइव नहीं कर पा रही हैं.
Published at : 01 May 2026 04:31 PM (IST)






