- डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को भेजा सीक्रेट डिप्लोमैटिक मैसेज।
Crude Oil Prices: मिडिल ईस्ट में संघर्ष और तनाव के बीच अमेरिकी नौसैनिकों की स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी नाकेबंदी के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ा है. इसी घटनाक्रम के बीच गुरुवार (30 अप्रैल, 2026) को कच्चे तेल की कीमतें 126 डॉलर प्रति बैरल रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. आंकड़ों पर नजर डालें तो गुरुवार (30 अप्रैल) की कच्चे तेल की कीमत पिछले चार साल के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए आगे निकल गई हैं.
कच्चे तेल की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की तरफ से की गई नाकेबंदी से उसके तेल उत्पादन पर किसी तरह का प्रभाव नहीं पड़ा, लेकिन इसके विपरीत वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ गईं. ईरान ने यहां तक कह दिया कि तेल की कीमतें अभी और ज्यादा बढ़ेंगी और यह 140 डॉलर प्रति बैरल तक जाएंगी. इस बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से परेशान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनियाभर के देशों को एक सीक्रेट मैसेज भेजा है.
दुनियाभर के देशों से क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने दुनिया भर के देशों को सीक्रेट डिप्लोमैटिक केबल के जरिए एक मैसेज भेजा है. हालांकि, अमेरिका की तरफ से भेजे गए इस सीक्रेट मैसेज में क्या कहा गया है, यह अभी तक सामने नहीं आया है.
दो महीने से ज्यादा समय से जारी है US-ईरान संघर्ष
मध्य पूर्व में 28 फरवरी, 2026 से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध को शुरू हुए दो महीने से ज्यादा समय बीत चुका है. इस संघर्ष की वजह से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का अत्यंत महत्वपूर्ण जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पिछले दो महीने से बंद है, जिसका व्यापक असर वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर पड़ रहा है, जिसकी वजह से आज दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस की कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी हुई है.
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