विपक्ष की रामलीला मैदान रैली के चलते व्यापारियों को कितना नुकसान? CTI चेयरमैन ने बताया

विपक्ष की रामलीला मैदान रैली के चलते व्यापारियों को कितना नुकसान? CTI चेयरमैन ने बताया


दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार (1 नवंबर, 2026) को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक की सभी सहयोगी पार्टियों ने महारैली का आयोजन किया. सभी विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने रामलीला मैदान पहुंचने के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ सड़क पर मार्च निकाला. विपक्षी पार्टियों के सड़क पर निकाले गए मार्च और रामलीला मैदान में की गई महारैली का बड़ा असर सीधे तौर पर दिल्ली के व्यापार पर पड़ा है.

चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि दिल्ली के व्यापारियों के संगठन का अनुमान है कि रामलीला मैदान में आयोजित रैली के कारण व्यापारियों को 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है.

25 बड़े बाजारों में करीब ढाई लाख दुकानें बंद रहें- बृजेश गोयल

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बृजेश गोयल ने कहा, ‘आज की जो रैली हुई है, इसका बहुत ज्यादा असर पड़ा है. खासकर, रामलीला मैदान से जुड़े हुए जो करीब 25 बड़े थोक और खुदरा बाजार हैं, उसमें आज शाम तक हमारे जितने अलग-अलग बाजारों के व्हाट्सएप ग्रुप बने हुए हैं, उसमें जो रिपोर्ट आई है कि लगभग किसी बाजार में 90 प्रतिशत दुकानें बंद रही, किसी बाजार में 70 प्रतिशत बंद रही. तो औसतन जो आकलन है उसके हिसाब से करीब 80 प्रतिशत यानी करीब ढाई लाख दुकानें आज की रैली की वजह से बंद रहीं.’ 

उन्होंने कहा, ‘बाहर से भी जो दुकानें खुलीं थीं, उनका भी कहना है कि ग्राहक न के बराबर थे. दिल्ली के लोकल ग्राहक भी नहीं आए और जो बाहर अलग-अलग शहरों से जो रोजाना 3-4 लाख लोग आते हैं, वो भी नहीं आ पाए और जो 10 किलोमीटर का जो दायरा था, जहां हर मार्केट में ट्रांसपोर्ट के ऑफिस होते हैं वो लोग माल लेकर ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचाते हैं, वो ट्रांसपोर्ट भी पूरी तरह से बंद थीं. आज इन बाजारों में किसी भी तरह की लोडिंग-अनलोडिंग नहीं हो पाई. सभी तरह के माल की आवाजाही आज बंद थी.’

रैली के कारण दिल्ली का व्यापार पूरी तरह से प्रभावित हुआ- बृजेश गोयल

बृजेश गोयल ने कहा, ‘इसके अलावा, जो सैलून, पार्लर, रेस्टोरेंट आदि के जो हॉस्पिटैलिटी सेक्टर हैं, वो भी करीब बंद के बराबर ही थे. ये जो बाजार हैं, जिनमें दिवाली के इस पीक सीजन में किसी बाजार में 800 करोड़ रुपये का, किसी बाजार में 600 करोड़, किसी में 400 करोड़ और किसी में 300 करोड़ रुपये का रोजाना कारोबार होता है, इसमें हमारा अनुमान है कि आज की इंडिया ब्लॉक की रैली की वजह से अलग-अलग सेक्टरों को मिला दें तो 10 हजार करोड़ रुपये से लेकर 11 हजार करोड़ रुपये का दिल्ली का व्यापार पूरी तरह से प्रभावित हुआ है.’ 

यह भी पढ़ेंः ‘ज्ञानेश-ज्ञानेश यस पापा…’ ममता बनर्जी ने कविता सुनाकर CEC-BJP पर साधा निशाना



Source link