सब्सिडी पर ट्रैक्टर, रोटावेटर और ड्रोन कैसे खरीदें? किसान जान लें हर एक बात

सब्सिडी पर ट्रैक्टर, रोटावेटर और ड्रोन कैसे खरीदें? किसान जान लें हर एक बात


Agricultural Subsidy Scheme:  खेती अब सिर्फ मेहनत का काम नहीं रह गया है, बल्कि नई मशीनों और तकनीक की मदद से किसान कम समय में ज्यादा काम कर पा रहे हैं. हालांकि, कई छोटे किसान सिर्फ पैसों की कमी की वजह से ट्रैक्टर, रोटावेटर या ड्रोन जैसी मशीनें नहीं खरीद पाते है. ऐसे में सरकार किसानों की मदद के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनके तहत खेती के आधुनिक उपकरणों पर भारी सब्सिडी दी जा रही है.

यही वजह है कि अब कई किसान कम कीमत में नई मशीनें खरीदकर अपनी खेती को आसान और बेहतर बना रहे हैं. अगर आप भी खेती के लिए ट्रैक्टर, रोटावेटर या ड्रोन खरीदना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके बहुत काम आ सकती है.

रैक्टर और रोटावेटर पर कैसे मिलती है सब्सिडी?

सरकार कृषि यंत्र योजना के तहत किसानों को ट्रैक्टर, रोटावेटर और दूसरी खेती की मशीनों पर सब्सिडी देती है. वही अलग-अलग राज्यों में यह सब्सिडी अलग हो सकती है. कई जगह किसानों को 40% से 50% तक की मदद दी जाती है. इसके लिए किसान को अपने राज्य के कृषि विभाग की वेबसाइट पर आवेदन करना होता है. आवेदन करते समय आधार कार्ड, जमीन के कागज, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर जैसे जरूरी दस्तावेज मांगे जाते हैं. कई राज्यों में ऑनलाइन लॉटरी सिस्टम के जरिए किसानों का चयन भी किया जाता है. अगर आवेदन मंजूर हो जाता है, तो मशीन खरीदने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे किसान के खाते में भेज दी जाती है. 

खेती में ड्रोन का बढ़ रहा इस्तेमाल

अब खेती में ड्रोन का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ रहा है. ड्रोन की मदद से खेतों में दवा और खाद का छिड़काव बहुत कम समय में किया जा सकता है. इससे किसानों की मेहनत भी बचती है और फसल पर दवा बराबर मात्रा में पड़ती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार कृषि ड्रोन खरीदने पर किसानों को 40% से 60% तक सब्सिडी दे रही है. वही बिहार सरकार खेतों में कीटनाशक और खाद के छिड़काव के लिए ड्रोन खरीद पर 60% अनुदान देगी, अधिकतम 3.65 लाख रुपये तक. साथ ही केंद्र सरकार 60% और राज्य सरकार 40% अनुदान देगी. इसके अलावा महिला समूहों और कुछ खास वर्गों के किसानों को ज्यादा सब्सिडी भी दी जा रही है. सरकार का मानना है कि ड्रोन तकनीक से खेती को और स्मार्ट बनाया जा सकता है. 

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ड्रोन खरीदने के लिए क्या करना होगा?

ड्रोन खरीदने के लिए किसान को कृषि विभाग की वेबसाइट या संबंधित सरकारी पोर्टल पर आवेदन करना होता है. कई योजनाओं में किसानों को ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग भी दी जाती है, ताकि वे इसे सही तरीके से इस्तेमाल कर सकें. जानकारी के मुताबिक, चुने गए किसानों को ड्रोन पायलट सर्टिफिकेट के लिए ट्रेनिंग दी जाती है और इसका खर्च भी सरकार उठाती है. साथ ही ड्रोन खरीदने वाले किसानों को DGCA से जरूरी अनुमति और डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन भी करवाना पड़ सकता है. सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा किसान नई तकनीक अपनाएं और खेती की लागत कम करें. 

आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी योजना का फायदा लेने से पहले उसकी सही जानकारी जरूर लेनी चाहिए. क्योंकि हर राज्य की योजना और नियम अलग हो सकते हैं. किसान आवेदन करते समय केवल सरकारी वेबसाइट या कृषि विभाग की जानकारी पर ही भरोसा करें. साथ ही मशीन खरीदने से पहले उसकी जरूरत और उपयोग को भी समझना जरूरी है. सही मशीन और सही जानकारी किसानों की मेहनत कम करने के साथ उनकी आमदनी बढ़ाने में भी मदद कर सकती है. यही वजह है कि अब देश में धीरे-धीरे स्मार्ट खेती की तरफ किसानों का रुझान बढ़ता जा रहा है.

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