Soybean Price Today: किसानों के लिए मंडियों से अच्छी खबर सामने आ रही है. देश में कई प्रमुख फसलों के दाम पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ गए हैं. सोयाबीन और तुअर की कीमतों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिल रही है. सोयाबीन करीब 7,000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है, जबकि तुअर का भाव 10,500 रुपये तक पहुंच गया है.
सबसे खास बात तो यह है कि, सोयाबीन को मंडियों में उसके न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से भी ज्यादा भाव मिल रहा है. चना, सरसों और गेहूं की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है. हालांकि, दूसरी तरफ कमजोर मॉनसून और मिट्टी में नमी की कमी से रबी फसलों की बुवाई पर असर पड़ने की आशंका है.
सोयाबीन और तुअर के भाव में सबसे ज्यादा तेजी
- मंडियों में सोयाबीन की कीमत करीब 7,000 रुपये प्रति क्विंटल चल रही है.
- इसका MSP 5,708 रुपये प्रति क्विंटल तय है.
- किसानों को सरकारी खरीद के तय भाव से करीब 1,292 रुपये ज्यादा कीमत मिल रही है.
- पिछले साल के मुकाबले सोयाबीन के दाम में करीब 55 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
वहीं, तुअर की कीमतों में भी करीब 50 फीसदी का उछाल आया है. इसका भाव बढ़कर लगभग 10,500 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच गया है. इन दोनों फसलों के दाम बढ़ने से किसानों को अपनी उपज बेचने पर पहले के मुकाबले बेहतर कमाई मिलने की उम्मीद है.
चना, सरसों और गेहूं भी हुए महंगे
चना बेचने वाले किसानों के लिए भी बाजार से अच्छी खबर है. पिछले साल के मुकाबले चने की कीमत करीब 14 फीसदी बढ़कर 7,400 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है. इसी तरह राजस्थान की मंडियों में पुरानी सरसों 7,200 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा के भाव पर बिक रही है. अगले सीजन के लिए सरसों का MSP 6,613 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है.
गेहूं की कीमतों में भी तेजी आई है. दिल्ली में गेहूं करीब 2,850 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 5 फीसदी ज्यादा है. इस तरह कई प्रमुख फसलों के दाम में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.
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कमजोर मॉनसून से बुवाई पर पड़ सकता है असर
एक तरफ फसलों के दाम बढ़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ कमजोर मॉनसून किसानों की चिंता बढ़ा रहा है. मिट्टी में पर्याप्त नमी नहीं होने के कारण रबी फसलों की बुवाई प्रभावित हो रही है. पिछले साल के मुकाबले इस बार अब तक रबी की बुवाई करीब 46 फीसदी कम बताई जा रही है. इसका असर चना, गेहूं और सरसों जैसी फसलों पर पड़ सकता है.
सोयाबीन का उत्पादन घटने का अनुमान
सोयाबीन प्रोसेसर्स एसोसिएशन (सोपा) के अनुमान के मुताबिक, इस साल देश में सोयाबीन का उत्पादन करीब 1.7 करोड़ टन रह सकता है. यह पिछले साल से लगभग 2.1 फीसदी कम है. उत्पादन में संभावित गिरावट और बाजार की मांग के चलते सोयाबीन के दाम मजबूत बने हुए हैं. हालांकि, किसानों को आगे भी अच्छा भाव मिलेगा या नहीं, यह बाजार की मांग और नई फसल की आवक पर निर्भर करेगा.
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