स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड से कितना अलग है Temple, कैसे करता है काम?

स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड से कितना अलग है Temple, कैसे करता है काम?


कई लोगों को लगते है कि तीनों ही डिवाइस एक जैसा ही काम करते हैं. तो आपको बता दें ऐसा नहीं है स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड का काम आपके रोज के कदम गिनना, कैलोरी बर्न का हिसाब रखना और दिल की धड़कन मापना होता है. इसके उलट टेंपल डिवाइस का फोकस सीधे आपके दिमाग पर है. इसे माथे के साइड में यानी कनपटी पर लगाया जाता है. जिसे अंग्रेजी में टेंपल ही कहते हैं. यह डिवाइस कलाई की नब्ज के बजाय सीधे दिमाग की नसों में होने वाले बदलावों को बारीकी से ट्रैक करता है.

यह छोटा सा डिवाइस ब्रेनफ्लो नाम की खास टेक्नोलॉजी पर काम करता है. इसमें लाइट आधारित ऑप्टिकल सेंसर्स लगे हैं जो कनपटी की स्किन के जरिए अंदर की नसों और टिश्यूज पर रोशनी डालते हैं. जब दिमाग में खून के बहाव यानी सेरेब्रल ब्लड फ्लो में कोई भी उतार-चढ़ाव होता है तो इसके सेंसर लौटती हुई लाइट से उन सिग्नल्स को तुरंत पकड़ लेते हैं और डेटा को आपके फोन ऐप पर भेजते हैं.

यह छोटा सा डिवाइस ब्रेनफ्लो नाम की खास टेक्नोलॉजी पर काम करता है. इसमें लाइट आधारित ऑप्टिकल सेंसर्स लगे हैं जो कनपटी की स्किन के जरिए अंदर की नसों और टिश्यूज पर रोशनी डालते हैं. जब दिमाग में खून के बहाव यानी सेरेब्रल ब्लड फ्लो में कोई भी उतार-चढ़ाव होता है तो इसके सेंसर लौटती हुई लाइट से उन सिग्नल्स को तुरंत पकड़ लेते हैं और डेटा को आपके फोन ऐप पर भेजते हैं.

काम के दबाव, पढ़ाई या किसी खेल के दौरान हमारा दिमाग कितना थक रहा है. इसकी जानकारी आम स्मार्टवॉच सटीक तरीके से नहीं दे पाती हैं. टेंपल डिवाइस दिमाग में ब्लड फ्लो और ऑक्सीजन से जुड़े संकेतों को पढ़कर बताता है कि आप पर मेंटल स्ट्रेस यानी मानसिक दबाव कितना है. इससे यूजर को यह समझने में आसानी होती है कि अलग-अलग काम और आराम के वक्त उसका दिमाग कैसे रिएक्ट कर रहा है.

काम के दबाव, पढ़ाई या किसी खेल के दौरान हमारा दिमाग कितना थक रहा है. इसकी जानकारी आम स्मार्टवॉच सटीक तरीके से नहीं दे पाती हैं. टेंपल डिवाइस दिमाग में ब्लड फ्लो और ऑक्सीजन से जुड़े संकेतों को पढ़कर बताता है कि आप पर मेंटल स्ट्रेस यानी मानसिक दबाव कितना है. इससे यूजर को यह समझने में आसानी होती है कि अलग-अलग काम और आराम के वक्त उसका दिमाग कैसे रिएक्ट कर रहा है.

इस डिवाइस की एक बड़ी खासियत इसका एंट्रॉपी स्कोर फीचर है जो 1 से 250 के बीच नंबर देता है. यह स्कोर बताता है कि आपके शरीर और दिमाग पर कुल कितना दबाव पड़ रहा है. आपकी अधूरी नींद, दिन भर का तनाव, कॉफी यानी कैफीन का सेवन और हैवी वर्कआउट इस स्कोर को सीधा प्रभावित करते हैं. इस डेटा की मदद से आप अपनी रोज की आदतों और रिकवरी को बेहतर बना सकते हैं.

इस डिवाइस की एक बड़ी खासियत इसका एंट्रॉपी स्कोर फीचर है जो 1 से 250 के बीच नंबर देता है. यह स्कोर बताता है कि आपके शरीर और दिमाग पर कुल कितना दबाव पड़ रहा है. आपकी अधूरी नींद, दिन भर का तनाव, कॉफी यानी कैफीन का सेवन और हैवी वर्कआउट इस स्कोर को सीधा प्रभावित करते हैं. इस डेटा की मदद से आप अपनी रोज की आदतों और रिकवरी को बेहतर बना सकते हैं.

हाथ की घड़ी में जहां पट्टा या स्ट्रैप होता है वहीं टेंपल में किसी तरह का स्ट्रैप नहीं दिया गया है. इसे कनपटी की स्किन पर चिपकाने के लिए खास तरह के सिंगल-यूज एडहेसिव टेप मिलते हैं जिन्हें ग्रिप्स कहा जाता है. एक ग्रिप को लगाने के बाद दो से तीन दिन तक आराम से इस्तेमाल किया जा सकता है. इसका साइज इतना छोटा और पतला है कि इसके ऊपर चश्मा भी आसानी से पहना जा सकता है.

हाथ की घड़ी में जहां पट्टा या स्ट्रैप होता है वहीं टेंपल में किसी तरह का स्ट्रैप नहीं दिया गया है. इसे कनपटी की स्किन पर चिपकाने के लिए खास तरह के सिंगल-यूज एडहेसिव टेप मिलते हैं जिन्हें ग्रिप्स कहा जाता है. एक ग्रिप को लगाने के बाद दो से तीन दिन तक आराम से इस्तेमाल किया जा सकता है. इसका साइज इतना छोटा और पतला है कि इसके ऊपर चश्मा भी आसानी से पहना जा सकता है.

कंपनी के मुताबिक इसे पहनकर आप रोजमर्रा के सारे काम बेझिझक कर सकते हैं. दौड़ने, जिम में वर्कआउट करने, नहाने और स्विमिंग करने के दौरान भी यह अपनी जगह से नहीं हटता है. हालांकि स्कूबा डाइविंग करते वक्त इसे उतारने की सलाह दी जाती है. जिन लोगों की स्किन बहुत ज्यादा सेंसिटिव है उन्हें इसके चिपकने वाले टेप से हल्की खुजली या लाल निशान होने पर इसे तुरंत हटा लेने की सलाह दी गई है.

कंपनी के मुताबिक इसे पहनकर आप रोजमर्रा के सारे काम बेझिझक कर सकते हैं. दौड़ने, जिम में वर्कआउट करने, नहाने और स्विमिंग करने के दौरान भी यह अपनी जगह से नहीं हटता है. हालांकि स्कूबा डाइविंग करते वक्त इसे उतारने की सलाह दी जाती है. जिन लोगों की स्किन बहुत ज्यादा सेंसिटिव है उन्हें इसके चिपकने वाले टेप से हल्की खुजली या लाल निशान होने पर इसे तुरंत हटा लेने की सलाह दी गई है.

आपको बता दें टेंपल के एडवांस फीचर्स सिर्फ पर्सनल वेलनेस, फिटनेस और रिसर्च के लिए है. यह कोई मेडिकल या बीमारी पकड़ने वाली मशीन नहीं है. यह  एक स्मार्ट गैजेट है जो दिमाग की किसी बीमारी का इलाज या डायग्नोसिस करने का दावा नहीं करता. हालांकि दीपिंदर गोयल ने बताया है कि यूजर्स चाहें तो अपने स्वास्थ्य को समझने के लिए इसका डेटा अपने डॉक्टर के साथ शेयर कर सकते हैं.

आपको बता दें टेंपल के एडवांस फीचर्स सिर्फ पर्सनल वेलनेस, फिटनेस और रिसर्च के लिए है. यह कोई मेडिकल या बीमारी पकड़ने वाली मशीन नहीं है. यह एक स्मार्ट गैजेट है जो दिमाग की किसी बीमारी का इलाज या डायग्नोसिस करने का दावा नहीं करता. हालांकि दीपिंदर गोयल ने बताया है कि यूजर्स चाहें तो अपने स्वास्थ्य को समझने के लिए इसका डेटा अपने डॉक्टर के साथ शेयर कर सकते हैं.

इस डिवाइस की प्री-बुकिंग 1 नवंबर से शुरू हो रही है और इसके पहले बैच की कीमत 85000 रुपये रखी गई है, जिसमें ऐप का लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन भी शामिल है. कीमत के मामले में यह बाजार में मौजूद प्रीमियम एप्पल और सैमसंग स्मार्टवॉच से भी काफी महंगा है. इसे ट्रू गोल्ड, रोज गोल्ड, ब्लैक मिरर, रियल जेड, डीप ब्लू और पर्पल फंक जैसे 6 कलर्स में उतारा गया है.

इस डिवाइस की प्री-बुकिंग 1 नवंबर से शुरू हो रही है और इसके पहले बैच की कीमत 85000 रुपये रखी गई है, जिसमें ऐप का लाइफटाइम सब्सक्रिप्शन भी शामिल है. कीमत के मामले में यह बाजार में मौजूद प्रीमियम एप्पल और सैमसंग स्मार्टवॉच से भी काफी महंगा है. इसे ट्रू गोल्ड, रोज गोल्ड, ब्लैक मिरर, रियल जेड, डीप ब्लू और पर्पल फंक जैसे 6 कलर्स में उतारा गया है.

Published at : 31 Oct 2026 05:06 PM (IST)

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