4 अक्टूबर का पंचांग: मातृ नवमी आज, राहुकाल शाम 4:35 से

4 अक्टूबर का पंचांग: मातृ नवमी आज, राहुकाल शाम 4:35 से


Aaj Ka Panchang: आज 4 अक्टूबर, रविवार को पितृ पक्ष की मातृ नवमी है. इस दिन दिवंगत माता और परिवार की महिला पूर्वजों के श्राद्ध की परंपरा है. नवमी तिथि में दिवंगत हुए पुरुष परिजनों का श्राद्ध भी आज किया जाता है. नई दिल्ली में कुतुप मुहूर्त सुबह 11:46 से दोपहर 12:33 बजे तक रहेगा.

आज जितिया व्रत का पारण भी है. शाम 6:31 बजे चंद्रमा मिथुन से कर्क राशि में प्रवेश करेगा, लेकिन नक्षत्र उसी समय नहीं बदलेगा. पूजा और श्राद्ध की तैयारी के साथ इन समयों का अंतर समझना उपयोगी है.

4 अक्टूबर का पंचांग एक नजर में

  • वार- रविवार 
  • पूर्णिमांत मास- आश्विन 
  • अमांत मास- भाद्रपद 
  • पक्ष- कृष्ण पक्ष 
  • तिथि- नवमी, 5 अक्टूबर सुबह 3:53 बजे तक 
  • नक्षत्र- पुनर्वसु, 5 अक्टूबर रात 12:13 बजे तक 
  • योग- परिघ दोपहर 12:32 बजे तक, फिर शिव 
  • चंद्र राशि मिथुन- शाम 6:31 बजे तक, फिर कर्क 
  • सूर्य राशि- कन्या 
  • सूर्योदय सुबह- 6:15 बजे 
  • सूर्यास्त शाम- 6:04 बजे 
  • राहुकाल शाम- 4:35 से 6:04 बजे 
  • अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:46 से दोपहर 12:33 बजे 

मातृ नवमी में क्या केवल महिलाओं का श्राद्ध होता है?

मातृ नवमी का संबंध दिवंगत माता और महिला पूर्वजों की स्मृति से है. इसे नवमी श्राद्ध और अविधवा नवमी भी कहा जाता है. अलग-अलग परिवारों में इसके अनुष्ठान की परंपरा भिन्न हो सकती है.

लेकिन इस नाम के कारण नवमी तिथि में दिवंगत हुए पिता या किसी दूसरे पुरुष परिजन का श्राद्ध छोड़ना सही नहीं होगा. शुक्ल और कृष्ण पक्ष, दोनों की नवमी में जिनकी मृत्यु हुई थी, उनका तिथि अनुसार श्राद्ध आज है.

माता की मृत्यु किसी दूसरी तिथि में हुई थी तो मातृ नवमी की विशेष परंपरा और उनके तिथि अनुसार श्राद्ध को एक ही बात न समझें. घर में पहले से चली आ रही विधि के अनुसार दोनों का निर्णय करें.

आज श्राद्ध किस समय करें?

नई दिल्ली में श्राद्ध के लिए कुतुप मुहूर्त सुबह 11:46 से दोपहर 12:33 बजे तक है. इसके बाद रौहिण मुहूर्त दोपहर 12:33 से 1:20 बजे तक और अपराह्न काल 1:20 से 3:42 बजे तक रहेगा. इन अवधियों में नवमी तिथि मौजूद होगी.

नवमी अगले दिन सुबह 3:53 बजे समाप्त होगी. इसका अर्थ यह नहीं है कि श्राद्ध के लिए रात तक इंतजार किया जाए. तिथि की समाप्ति और अनुष्ठान का उपयुक्त समय अलग बातें हैं.

जितिया का पारण आज कब होगा?

जितिया का मुख्य उपवास 3 अक्टूबर को था. पारण 4 अक्टूबर की सुबह, अष्टमी समाप्त होने के बाद नवमी में किया जाएगा. आज दिल्ली में सूर्योदय सुबह 6:15 बजे है.

सूर्योदय को ही सभी परिवारों के लिए निश्चित पारण मुहूर्त न मानें. पारण की विधि और समय अपनी प्रचलित परंपरा के अनुसार रखें. केवल रात 12 बजे तारीख बदलने से व्रत खोलने का समय नहीं हो जाता.

शाम को चंद्रमा बदलेगा, नक्षत्र कब बदलेगा?

चंद्रमा शाम 6:31 बजे कर्क राशि में प्रवेश करेगा. इसके बाद भी पुनर्वसु नक्षत्र रहेगा. पुनर्वसु समाप्त होकर पुष्य 5 अक्टूबर को रात 12:13 बजे शुरू होगा.

यानी शाम का राशि परिवर्तन और आधी रात के बाद का नक्षत्र परिवर्तन अलग हैं. आज पूरे दिन चंद्रमा मिथुन में है लिखना भी अधूरा होगा और शाम से पुष्य बताना भी गलत होगा.

आज शुभ काम कब करें और राहुकाल कब है?

अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:46 से दोपहर 12:33 बजे तक है. लेकिन इसी अवधि के अंतिम हिस्से में दोपहर 12:09 बजे से यमगण्ड शुरू हो जाएगा. इसलिए पूरे अभिजीत काल को अन्य पंचांग विचारों से मुक्त समय न समझें.

यमगण्ड दोपहर 12:09 से 1:38 बजे, गुलिक काल दोपहर 3:06 से शाम 4:35 बजे और राहुकाल शाम 4:35 से 6:04 बजे तक रहेगा. दुर्मुहूर्त शाम 4:29 से 5:16 बजे तक है.

आज की 3 जरूरी बातें

मातृ नवमी में महिला पूर्वजों के साथ नवमी तिथि वाले पुरुष परिजनों का श्राद्ध भी होता है. जितिया का पारण आज है, लेकिन तारीख बदलना अकेले उसका आधार नहीं है. शाम को चंद्र राशि बदलेगी, जबकि नक्षत्र आधी रात के बाद बदलेगा.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.



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