90-95 दिन में तैयार होगी मक्का की ये किस्म, देगी 15 फीसदी ज्यादा उपज

90-95 दिन में तैयार होगी मक्का की ये किस्म, देगी 15 फीसदी ज्यादा उपज


90-95 दिन में फसल तैयार – VL हिमाद्री जल्दी तैयार होने वाली संकर मक्का किस्म है. पहाड़ी इलाकों में कम समय का खेती का मौसम होने के कारण यह किस्म किसानों के लिए उपयोगी हो सकती है.

सामान्य किस्म से 15 फीसदी ज्यादा उपज - परीक्षणों में वीएल हिमाद्री की औसत उपज 4,864 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रही. यह वीएमएच 45 किस्म के मुकाबले करीब 15.21 फीसदी ज्यादा है. यानी सामान्य किस्म की तुलना में वीएल हिमाद्री से ज्यादा मक्का पैदा हो सकता है.

सामान्य किस्म से 15 फीसदी ज्यादा उपज – परीक्षणों में वीएल हिमाद्री की औसत उपज 4,864 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रही. यह वीएमएच 45 किस्म के मुकाबले करीब 15.21 फीसदी ज्यादा है. यानी सामान्य किस्म की तुलना में वीएल हिमाद्री से ज्यादा मक्का पैदा हो सकता है.

पहाड़ी क्षेत्रों के लिए विकसित - इसे ICAR-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा ने V 495 और V 461 को मिलाकर विकसित किया है. इसे उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों की खेती को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

पहाड़ी क्षेत्रों के लिए विकसित – इसे ICAR-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा ने V 495 और V 461 को मिलाकर विकसित किया है. इसे उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों की खेती को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

पत्ती के दो रोगों से बचाव - वीएल हिमाद्री में टर्सिकम लीफ ब्लाइट और मेडीस लीफ ब्लाइट का असर कम करने की क्षमता है. इससे इन दोनों रोगों से फसल को कुछ हद तक बचाने में मदद मिल सकती है.

पत्ती के दो रोगों से बचाव – वीएल हिमाद्री में टर्सिकम लीफ ब्लाइट और मेडीस लीफ ब्लाइट का असर कम करने की क्षमता है. इससे इन दोनों रोगों से फसल को कुछ हद तक बचाने में मदद मिल सकती है.

बारिश के भरोसे होने वाली खेती के लिए अच्छी - वीएल हिमाद्री को उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में ऐसी खेती के लिए उपयुक्त बताया गया है, जहां सिंचाई की सुविधा कम है. ऐसे इलाकों में किसान इस किस्म की खेती कर सकते हैं.

बारिश के भरोसे होने वाली खेती के लिए अच्छी – वीएल हिमाद्री को उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में ऐसी खेती के लिए उपयुक्त बताया गया है, जहां सिंचाई की सुविधा कम है. ऐसे इलाकों में किसान इस किस्म की खेती कर सकते हैं.

जैविक खेती में भी उगा सकते हैं - वीएल हिमाद्री को जैविक खेती के लिए भी अच्छा माना गया है. हालांकि फसल की उपज मिट्टी, मौसम, पानी, बुवाई का समय और फसल की देखभाल पर निर्भर करती है. इसलिए बीज चुनने से पहले अपने इलाके के कृषि एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर रहेगा.

जैविक खेती में भी उगा सकते हैं – वीएल हिमाद्री को जैविक खेती के लिए भी अच्छा माना गया है. हालांकि फसल की उपज मिट्टी, मौसम, पानी, बुवाई का समय और फसल की देखभाल पर निर्भर करती है. इसलिए बीज चुनने से पहले अपने इलाके के कृषि एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर रहेगा.

Published at : 02 Oct 2026 04:43 PM (IST)

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