अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. काबुल ने पाकिस्तान पर यूनिवर्सिटी और रिहायशी इलाकों पर हमले का आरोप लगाते हुए कड़ा कदम उठाया है और इस मामले में पाकिस्तान के चार्ज डी अफेयर्स को समन किया है.
काबुल में पाक अधिकारी को समन
अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काबुल में पाकिस्तान के चार्ज डी अफेयर्स को समन किया. मंत्रालय के अनुसार यह कार्रवाई कुनार प्रांत में स्थित एक विश्वविद्यालय और ड्यूरंड लाइन के आसपास नागरिक ठिकानों तथा सार्वजनिक ढांचों पर हुए कथित हमलों के विरोध में की गई है.
यूनिवर्सिटी और रिहायशी इलाकों पर हमले का आरोप
अफगान अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को पाकिस्तान की ओर से मोर्टार और मिसाइल हमले किए गए, जिनमें पूर्वोत्तर अफगानिस्तान की एक यूनिवर्सिटी और आसपास के नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया. इस हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई, जबकि 85 लोग घायल बताए जा रहे हैं.
असदाबाद में भी हमले की खबर
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी असदाबाद में घरों के साथ-साथ सैयद जमालुद्दीन अफगानी यूनिवर्सिटी को भी निशाना बनाया गया. तालिबान सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने भी आरोप लगाया कि ये हमले पाकिस्तान की तरफ से किए गए. उन्होंने बताया कि सोमवार दोपहर करीब 2 बजे मोर्टार और रॉकेट दागे गए.
पाकिस्तान ने आरोपों को बताया झूठ
वहीं पाकिस्तान ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय का कहना है कि यूनिवर्सिटी और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाने की खबरें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं.
शांति वार्ता के बाद पहली हिंसा
गौरतलब है कि अप्रैल की शुरुआत में चीन की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच शांति वार्ता हुई थी. इसके बाद यह हिंसा की पहली बड़ी घटना बताई जा रही है. इससे पहले रविवार को कंधार क्षेत्र में पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर हिंसक झड़प की खबर सामने आई थी. रिपोर्ट्स के अनुसार स्पिन बोल्डक इलाके में दोनों पक्षों के बीच फायरिंग हुई, जिसमें पाकिस्तान के छह सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया.
बंधक और जवाबी कार्रवाई के दावे
सूत्रों के हवाले से कहा गया कि तालिबानी लड़ाके एक पाकिस्तानी सैनिक को बंधक बनाकर ले गए और हथियार भी अपने साथ ले गए. हालांकि इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. बताया जा रहा है कि देर रात पाकिस्तान की ओर से हुई फायरिंग में एक स्थानीय बच्चे की मौत हो गई, जिसके बाद तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की. इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.





