ताइवान के आसपास चीन की सैन्य गतिविधियां एक बार फिर तेज होती दिख रही हैं. ताइवान के रक्षा मंत्रालय (एमएनडी) ने बुधवार को जानकारी दी कि उसके आसपास सात चीनी नौसैनिक जहाज और एक आधिकारिक पोत सक्रिय पाए गए. इस घटनाक्रम ने एक बार फिर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ते तनाव को रेखांकित कर दिया है.
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “आज ताइवान के आसपास 7 पीएलएएन जहाज और 1 आधिकारिक पोत की गतिविधि का पता चला है. आरओसी सशस्त्र बलों ने स्थिति पर नजर रखी और जवाब दिया है. कोई फ्लाइट पाथ चित्र जारी नहीं किया गया है, क्योंकि इस अवधि में ताइवान के आसपास पीएलए के विमान की कोई गतिविधि दर्ज नहीं हुई.”
7 PLAN vessels and 1 official ship operating around #Taiwan detected up until 6 a.m. (UTC+8) today. #ROCArmedForces have monitored the situation and responded. No flight path illustration is provided, as we did not detect #PLA aircraft operating around Taiwan during this… pic.twitter.com/cbSaSQ8sbZ
— 國防部 Ministry of National Defense, ROC(Taiwan) 🇹🇼 (@MoNDefense) May 6, 2026
यानी इस बार चीनी वायुसेना की कोई गतिविधि दर्ज नहीं हुई, लेकिन समुद्री मोर्चे पर हलचल साफ दिखी.
लगातार दूसरे दिन बढ़ी गतिविधि
यह कोई अलग-थलग घटना नहीं है. इससे एक दिन पहले, मंगलवार को भी ताइवान ने चीन की सैन्य गतिविधियों को दर्ज किया था. उस दिन एक चीनी सैन्य विमान, छह नौसैनिक जहाज और एक सरकारी पोत ताइवान के आसपास सक्रिय पाए गए थे.
एमएनडी ने तब कहा था, “आज सुबह 6 बजे (यूटीसी+8) तक ताइवान के आसपास पीएलए के 1 विमान, 6 पीएलएएन जहाज और 1 आधिकारिक पोत की गतिविधि का पता चला. 1 में से 1 विमान ताइवान के उत्तरी एडीआईजेड क्षेत्र में प्रवेश कर गया. आरओसी सशस्त्र बलों ने स्थिति पर नजर रखी और जवाब दिया.”
1 sorties of PLA aircraft, 6 PLAN vessels and 1 official ship operating around Taiwan detected up until 6 a.m. (UTC+8) today. 1 out of 1 sorties entered Taiwan’s northern part ADIZ. #ROCArmedForces have monitored the situation and responded. pic.twitter.com/Y3D9larU05
— 國防部 Ministry of National Defense, ROC(Taiwan) 🇹🇼 (@MoNDefense) May 5, 2026
खास बात यह रही कि चीनी विमान ताइवान के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन जोन (ADIZ) के उत्तरी हिस्से में भी दाखिल हुआ, जो आमतौर पर तनाव बढ़ाने वाला संकेत माना जाता है.
समुद्री दबाव की रणनीति?
विशेषज्ञों का मानना है कि चीन अब ताइवान पर दबाव बनाने के लिए “ग्रे ज़ोन टैक्टिक्स” का ज्यादा इस्तेमाल कर रहा है—यानी सीधे युद्ध के बिना लगातार सैन्य मौजूदगी दिखाना. इस बार वायु गतिविधि का न होना और केवल नौसैनिक जहाजों की मौजूदगी इस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. इससे चीन बिना खुले टकराव के अपनी ताकत का प्रदर्शन करता है और ताइवान को सतर्क रहने पर मजबूर करता है.
ताइवान की सेना ने कहा है कि उसने स्थिति पर नजर रखी और आवश्यक जवाबी कार्रवाई की. हालांकि, इस “जवाबी कार्रवाई” का स्वरूप सार्वजनिक नहीं किया गया. लगातार दो दिनों में चीनी नौसैनिक गतिविधियों का बढ़ना एक स्पष्ट संकेत है कि बीजिंग दबाव की नीति जारी रखे हुए है. हालांकि अभी यह गतिविधियां “लो-इंटेंसिटी” हैं, लेकिन अगर यह पैटर्न जारी रहता है, तो आने वाले समय में बड़े सैन्य अभ्यास या और आक्रामक कदम भी देखे जा सकते हैं. ताइवान के लिए यह सिर्फ सुरक्षा का सवाल नहीं, बल्कि अस्तित्व और पहचान का मुद्दा है.
ताइवान-चीन विवाद: इतिहास और वर्तमान
ताइवान और चीन के बीच विवाद नया नहीं है, बल्कि इसकी जड़ें इतिहास में गहराई तक जाती हैं. चीन का दावा है कि ताइवान उसका अभिन्न हिस्सा है. यह दावा उसकी आधिकारिक नीति का हिस्सा है और घरेलू कानूनों से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों तक दोहराया जाता है. दूसरी तरफ ताइवान खुद को एक अलग पहचान वाला क्षेत्र मानता है. उसका अपना लोकतांत्रिक शासन, सेना और मजबूत अर्थव्यवस्था है. इतिहास पर नजर डालें तो 1683 में किंग राजवंश ने ताइवान पर कब्जा किया था. 1895 में चीन-जापान युद्ध के बाद ताइवान जापान के अधीन चला गया और करीब 50 साल तक जापानी उपनिवेश रहा. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ताइवान चीन के नियंत्रण में लौटा, लेकिन इसकी संप्रभुता का औपचारिक निर्धारण कभी स्पष्ट नहीं हो पाया.





