रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध अब अपने अंत के करीब पहुंच रहा है. उन्होंने संकेत दिया कि अगर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की व्यक्तिगत बातचीत करना चाहते हैं, तो वे मॉस्को आ सकते हैं. हालांकि पुतिन ने साफ किया कि उन्होंने ज़ेलेंस्की के साथ किसी बैठक का औपचारिक प्रस्ताव नहीं दिया है, लेकिन वह ऐसी मुलाकात से इनकार भी नहीं कर रहे हैं.
पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि ट्रंप यूक्रेन संकट को खत्म करने और समझौता कराने के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं. पुतिन के मुताबिक रूस ने ट्रंप के युद्धविराम बढ़ाने और युद्धबंदियों की अदला-बदली के प्रस्ताव को तुरंत स्वीकार कर लिया था.
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रूसी राष्ट्रपति का आरोप
रूसी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि कीव ने विक्ट्री डे से पहले कहा था कि वह कैदियों की अदला-बदली के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि रूस किसी भी देश के साथ रिश्ते खराब नहीं करना चाहता, लेकिन विजय दिवस के दौरान यूक्रेन की तरफ से हुई कथित उकसावे वाली घटनाओं पर मॉस्को की प्रतिक्रिया से हालात बिगड़ सकते थे. पुतिन ने यह भी दावा किया कि साल 2022 में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के आग्रह पर रूस ने कीव के आसपास से अपनी सेना वापस बुला ली थी.
यूक्रेन के साथ युद्ध की शुरुआत क्यों हुई?
यूक्रेन के साथ युद्ध की शुरुआत को लेकर पुतिन ने कहा कि यह स्थिति यूक्रेन की यूरोपीय संघ में शामिल होने की कोशिशों से शुरू हुई. उनके मुताबिक इसके बाद यूक्रेन में तख्तापलट हुआ, फिर क्रीमिया की घटनाएं हुईं और आखिर में रूस ने अपना स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किया.रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को अब तीन साल से ज्यादा समय हो चुका है. इस दौरान हजारों लोगों की मौत हुई है और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं. दुनिया की कई बड़ी ताकतें इस संघर्ष को खत्म कराने की कोशिश में लगी हुई हैं.
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