Credit Card Shopping: आज के डिजिटल दौर में हर कोई क्रेडिट कार्ड का जमकर इस्तेमा कर रहा है. इतना ही नहीं, कुछ लोग तो क्रेडिट कार्ड के चक्कर में ‘कैशबैक’ और ‘रिवॉर्ड पॉइंट्स’ के जाल में बुरी तरह से फंस जाते हैं. ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि क्रेडिट कार्ड ‘कैशबैक’ और ‘रिवॉर्ड पॉइंट्स’ केवल ऑफर्स नहीं, बल्कि एक गहरी शॉपिंग साइकोलॉजी का आज के दौर का हिस्सा भी बन चुकी है. तो आइए इस खबर में जानते हैं कि आखिर कैसे कैशबक हमें ज्यादा से ज्यादा खर्च करने का लालच देता है.
1. ‘मुफ्त’ का आकर्षण बना बड़ी परेशानी
इस मामले को लेकर कुछ मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि जैसे ही हम नगदी को खर्च कर देते हैं तो हमारे दिमाग को वास्तविक दर्द महूसूस होता है. तो वहीं, क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल के दौरान यह दर्द थोड़ा कम महसूस होता है. इसके अलावा कैशबैक’ का लालच हमारे दिमाग में डोपामाइन को पूरी तरह से रिलीज करने का काम करता है, जिससे हमें यह लगता है कि हमें अब ज्यादा पैसे मिलने वाले हैं.
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2. यहां जानें न्यूनतम खर्च की शर्त
तो वहीं, दूसरी तरफ ज्यादातर कार्ड्स 50 हजार की शॉपिंग पर 500 रुपये का कैशबक ग्राहकों को ऑफर करता है. तो वहीं, आप 500 रुपये बचाने के चक्कर में कई बार 1 हजार 500 का बड़ा नुकसान कर बैठते हैं. उदाहरण के लिए अगर आपकी जरूरत सिर्फ और सिर्फ 3 हजार रुपये की है तो 500 रुपये पाने के लिए आप बिना किसी सोच-विचार के 2000 हजार रुपयों का सामान खरीदना शुरू कर देते हैं. जिसके बाद आपको बाद में यह पता चलता है कि आपसे कितनी बड़ी गलती हो गई है.
3. ‘मिसिंग आउट’ का डर
इसके अलावा सीमित समय तक दिए गए ऑफर्स हमें ज्यादा और लंबा सोचने का मौका नहीं देते हैं, जिससे हमें यतह लगता है कि आज सामान को नहीं खरीदने पर हम इस मिलने वाले कैशबैक को पूरी तरह से खो देंगे. हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि जल्दबाजी के चक्कर में हम उन सामानों को खरीद लेते हैं जिनकी हमें किसी प्रकार की जरूरत नहीं होती है.
4. क्रेडिट कार्ड का लोन चक्र?
धीरे-धीरे कैशबैक का असली खतरा तब शुरू होता है जब हम रिवॉर्ड्स के चक्कर में बजट से ज्यादा बाहर निकल जाते हैं. उदाहरण के लिए, अगर आप महीने के अंत में क्रेडिट कार्ड के बिल को पूरी तरह से नहीं चुका पाते हैं तो बैंक आपको उस पर 36 प्रतिशत से 45 प्रतिशत तक का सालाना ब्याज को वसूलने का काम करेगा. ऐसे में अगर आपको 2 या फिर 5 प्रतिशत तक का कैशक बैक भी मिल रहा होगा तो भारी-भरकम ब्याज के सामने वह पूरी तरह से शून्य हो जाएगा.
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आखिर खुद को कैसे बचाएं इस जाल से?
इस कैशबैक के खतरनाक जाल से बचने के लिए आप कुछ भी खरीदने से पहले सोच-विचार जूरूर करें. इसके अलावा किसी भी सामान को खरीदने से पहले लिस्ट बनाना बिल्कुल भी न भूलें. देखा जाए तो कैशबैक एक बेहद ही बेहतरीन विकल्प होता है अगर इसका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो.






