Ganga: गंगा दशहरा 25 मई 2026 को है. ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाए जाने वाले इस त्योहार पर गंगा नदी में स्नान का विशेष महत्व है. मान्यता है इससे 10 तरह के गंभीर पाप धुल जाते हैं. गंगा नदी को मोक्षदायिनी बताया गया है.
भारत में अनेक नदियां हैं जिन्हें अलग अलग नाम से जाना जाता है जैसे यमुना, नर्मदा लेकिन क्या आप जानते हैं गंगा नाम कैसे पड़ा. गंगा शब्द के उद्भव व वास्तविक अर्थ के बारे में धार्मिक ग्रंथों, आस्तिक परंपरा और भाषा विज्ञान में अलग-अलग व्याख्याएं मिलती हैं आइए जानें.
कैसे पड़ा नाम गंगा
भारत में सबसे पवित्र नदी गंगा को जीवों को संसार सागर से पार ले जाने वाली नदी कहा जाता है. गंगा नाम कैसे मिला इसकी जानकारी भाषाविज्ञान पुस्तक में दी गई है. आस्ट्रिक भाषा परिवार( दक्षिण-पूर्वी एशिया और भारत के आदिवासी क्षेत्रों में बोली जाने वाली एक प्रमुख भाषा परिवार है) ने भारत को कई महत्वपूर्ण नाम दिए हैं जैसे तांबुल (पान), कदली (केला) उसी तरह भाषा विज्ञानिकों के अनुसार ऑस्ट्रिक भाषा परिवार से ही नाम लिया गया है गंगा.
क्या ‘गंगा’ नदी या फिर नदी का नाम ?
दक्षिण पूर्व एशिया की महत्वपूर्ण नदियों में मेकांग, सेकांग, नाम कांग है. इसमें में अर्थात मां और कांग मतलब नदी से है. कांग शब्द मूलरूप से थाईलैंड, कंबोडिया, म्यांमार से आता है.भाषा विज्ञानिकों के अनुसार कांग नदी, जल का द्योतक है. कांग से ही गांग का विकास हुआ है. भाषा एक्सपर्ट मानते हैं कि भारत में गांग शब्द से गंगा शब्द बना है. तमाम अनेक भाषाओं में आज भी नदी को गंग कहा जाता है.
भारत में अनेक नदिया भाषा एक्सपर्ट के अनुसार गंगा शब्द नदी का नाम नहीं नदी का सूचक है सिंघली भाषा में भी गंगा का मतलब नदी होता है. इस भारत में किसी भी नदी को गंगा कहा जा सकता है.
भारत में 46 नदियों में गंगा शब्द जुड़ा
एक्सपर्ट के अनुसार भारत में करीब 46 नदियां ऐसी हैं जिसमें गंगा शब्द जुड़ा है. जैसे बाण गंगा, रुद्र गंगा, राम गंगा, बेरी गंगा, गिरथी गंगा, वैन गंगा आदि, इसमें से 32 नदी गंगा में आकर मिलती है.
चीन से भी कांग शब्द का नाता
कांग शब्द जब भारत में अपनाया तो वो गांग बना वहीं दक्षिणी चीन में कांग से शब्द बना कियांग. चीन में कियांग को नदी कहा जाता है. यहां की तमाम नदियों में कियांग शब्द का इस्तेमाल होता है जैसे सी किआंग, यू किआंग, लो किआंग, लुंग किआंग, पे किआंग.
शास्त्रों में गंगा का अर्थ
कुछ जानकारों के अनुसार अनुसार गंगा शब्द दो बार आए “ग” अक्षर से बना माना जाता है.
- पहला ‘ग’ = ज्ञान
- दूसरा ‘ग’ = गति या मुक्ति
अर्थात जो ज्ञान और मोक्ष दोनों प्रदान करे, वह गंगा है.
भाषा विज्ञान की पुस्तकों में गंगा शब्द के बारे में ये प्रमुख तथ्य बताए जाते हैं-
- ऋग्वेद में “गंगा” का उल्लेख मिलता है, जिससे यह सिद्ध होता है कि यह नाम हजारों वर्ष पुराना है.
- संस्कृत धातु “गम्” (जाना, बहना, गति करना) से गंगा शब्द की व्युत्पत्ति मानी जाती है.
गंगा की पौराणिक कथा
पुराणों के अनुसार राजा सगर के 60 हजार पुत्रों की मुक्ति के लिए राजा भगीरथ ने कठोर तप किया था. उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा पृथ्वी पर आने को तैयार हुईं, लेकिन उनके वेग को संभालना संभव नहीं था,. तब भगवान शिव ने गंगा को अपनी जटाओं में धारण किया और धीरे-धीरे पृथ्वी पर प्रवाहित किया. इसी कारण गंगा को भगवान शिव की जटाओं से निकली पवित्र धारा भी कहा जाता है.
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