भारी बारिश और ओलावृष्टि के बीच कैसे करें चार धाम यात्रा? ये टिप्स आएंगे काम

भारी बारिश और ओलावृष्टि के बीच कैसे करें चार धाम यात्रा? ये टिप्स आएंगे काम


How To Travel Safely During Char Dham Yatra: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि के बीच प्रशासन ने चार धाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. भारतीय मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था. ऐसे में केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले यात्रियों के लिए सावधानी पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है.

क्यों बिना मौसम की तैयारी पड़ सकती है आप पर भारी?

चार धाम यात्रा सिर्फ धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि हिमालय के कठिन रास्तों से गुजरने वाला एक लंबा अनुभव भी है. बारिश के मौसम में यह यात्रा और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो जाती है. लगातार बारिश, भूस्खलन, फिसलन भरे रास्ते, अचानक मौसम बदलना और सड़क बंद होने जैसी समस्याएं यात्रियों की मुश्किल बढ़ा सकती हैं.  ऐसे में बिना तैयारी यात्रा करना भारी पड़ सकता है. 

चार धाम यात्रा पर निकलते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी?

सबसे जरूरी बात यह है कि यात्रा शुरू करने से पहले मौसम का अपडेट लगातार देखते रहें. उत्तराखंड में मौसम कुछ घंटों में बदल सकता है. सुबह धूप रहने के बाद अचानक तेज बारिश, धुंध या ओलावृष्टि शुरू हो सकती है. अगर किसी इलाके में रेड अलर्ट जारी हो तो वहां यात्रा टालना ही बेहतर माना जाता है. 

मानसून के सीजन में यात्रा की कैसे करें तैयारी?

यात्रा का प्लान बनाते समय एक-दो अतिरिक्त दिन जरूर रखें। पहाड़ों में बारिश के दौरान सड़कें कई घंटे या कई बार पूरे दिन के लिए बंद हो जाती हैं. अगर आपका शेड्यूल बहुत टाइट होगा तो तनाव बढ़ सकता है.  इसलिए होटल बुकिंग और वापसी का प्लान थोड़ा लचीला रखना समझदारी होगी.  बारिश के मौसम में सुबह जल्दी सफर शुरू करना सबसे सुरक्षित माना जाता है.  शाम होते-होते पहाड़ों में धुंध और बारिश बढ़ने लगती है, जिससे विजिबिलिटी कम हो जाती है. कोशिश करें कि लंबा सफर शाम से पहले पूरा कर लें और रात में पहाड़ी रास्तों पर यात्रा से बचें. 

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इन चीजों को अपने साथ रखना जरूरी

चार धाम यात्रा पर निकलते समय रेनकोट, वाटरप्रूफ जैकेट, अतिरिक्त मोजे और अच्छी ग्रिप वाले ट्रैकिंग शूज जरूर साथ रखें. खासकर केदारनाथ और यमुनोत्री ट्रैक बारिश में बेहद फिसलन भरे हो जाते हैं. गलत जूते या भारी सामान यात्रा को मुश्किल बना सकते हैं. हल्का सामान रखें और सिर्फ जरूरी चीजें ही साथ ले जाएं.  बुजुर्गों और बच्चों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी की जरूरत होती है.  ठंड, ऊंचाई और लगातार बारिश की वजह से सांस लेने में दिक्कत, थकान, बुखार और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. जिन लोगों को अस्थमा, हार्ट या ब्लड प्रेशर की बीमारी है, उन्हें यात्रा से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.

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