अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार (14 मई) को एक शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे. 9 सालों में अपनी पहली चीन यात्रा पर आए ट्रंप शीर्ष अधिकारियों और सीईओ के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बीजिंग पहुंचे हैं. अमेरिका-चीन के बीच व्यापार को लेकर जारी उठापठक के बीच ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात होगी.
अमेरिका और चीन में Trade Truce पिछले साल दक्षिण कोरिया के बुसान में हुई बैठक के बाद हुआ था, जिसने ट्रंप द्वारा चीन पर 145 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच शत्रुता को खत्म किया था. अमेरिकी राष्ट्रपति बिजनेस और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर चर्चा के लिए आयोजित 2 दिवसीय शिखर सम्मेलन में शामिल होने चीन पहुंचे हैं.
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जिनपिंग संग लंच करेंगे ट्रंप
द्विपक्षीय वार्ता से पहले शी जिनपिंग द्वारा पीपुल्स ग्रेट हॉल में आयोजित एक समारोह में ट्रंप का स्वागत किया जाएगा, जिसके बाद वे टेंपल ऑफ हेवन का दौरा करेंगे. गुरुवार की बैठकों के बाद ट्रंप अमेरिका लौटने से पहले शी जिनपिंग के साथ लंच करेंगे.
व्यापारिक मुद्दों पर बात
दोनों नेताओं के बीच चर्चा के कई विषयों में व्यापार और अर्थव्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण बने हुए हैं. दुनिया के मौजूदा हालात को देखते हुए ट्रंप और शी जिनपिंग से उम्मीद है कि वे वैश्विक सप्लाई चेन को और अधिक नुकसान पहुंचने से पहले संबंधों को स्थिर करने की कोशिश करेंगे. व्यापारिक संबंधों में तनाव के चलते अमेरिकी कंपनियां चीन के बाहर आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर रही हैं, जबकि चीनी कंपनियां यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया की ओर रुख कर रही हैं.
इसके अलावा चीन ने सोयाबीन की खरीद बंद कर दी है और महत्वपूर्ण दुर्लभ खनिजों और धातुओं तक पहुंच को भी सीमित कर दिया है. वहीं, अमेरिका ने चीन को कंप्यूटर चिप्स हासिल करने से रोक दिया है. दो दिवसीय शिखर सम्मेलन का मकसद संबंधों के बिगड़ने से पहले व्यापारिक मुद्दों पर काम करना है.
होर्मुज खुलवाने के लिए दबाव
ईरान के सबसे बड़े तेल उपभोक्ता बीजिंग पर होर्मुज को फिर से खुलवाने के लिए दबाव डाला जा सकता है, खासकर तब जब अमेरिका ने ईरान को तेल की आपूर्ति में मदद करने वाली कई चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. होर्मुज की नाकाबंदी ने वैश्विक तेल और गैस सप्लाई चेन को प्रभावित किया है, जिससे दुनियाभर में ऊर्जा संकट पैदा हो गया है.
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