सखी सैयां तो खूब ही कमात है, महंगाई डायन खाए जात है… महंगाई की मार ने हर घर में हाहाकार मचा दिया है. दूध का रेट तो बढ़े ही थे लेकिन तेल, मसाले, साबून, शैंपू ने भी जीना मुश्किल कर दिया है. बीते 2 महीनों में तकरीबन 10 से 30 फीसदी की बढ़ोदरी हुई है. यहां से आप सभी सामानों की रेट लिस्ट देख सकते हैं और जान सकते हैं कि ये आपका कितना बजट बिगाड़ने वाली है.
यहां देखें रेट लिस्ट-
| सामान | पुराने दाम | नए दाम |
| मूंगफली | 160 प्रति किलो | 200 प्रति किलो |
| रिफाइंड ऑयल | 135 प्रति लीटर | 148 प्रति लीटर |
| सरसों तेल | 170 प्रति लीटर | 190 प्रति लीटर |
| चावल | 60- 120 प्रति किलो | 70- 130 प्रति किलो |
| जीरा | 300 प्रति किलो | 360 प्रति किलो |
| चायपत्ती | 500 प्रति किलो | 545 प्रति किलो |
| सूखा धनिया | 180 प्रति किलो | 220 प्रति किलो |
| लाल मिर्च | 300 प्रति किलो | 350 प्रति किलो |
| हल्दी पाउडर | 210 प्रति किलो | 250 प्रति किलो |
बता दें कि इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च की डायरेक्टर मेघा अरोड़ा ने बताया है कि थोक महंगाई और बढ़कर नौ फीसदी तक पहुंच सकती है. मेघा अरोड़ा के अनुसार, ऊंची ऊर्जा कीमतों का असर पूरी अर्थव्यवस्था पर नजर आएगा.
खुदरा महंगाई दर की क्या है हालत?
बता दें कि अप्रैल 2026 में भारती की खुदरा महंगाई दर यानी CPI 3.48 प्रतिशत पर पहुंच गई है. आश्चर्य की बात ये है कि एक महीना पहले ही यानी मार्च में ये 3.40 प्रतिशत थी. मई 2026 के आंकड़े जून 2026 में बताए जाएंगे.
क्यों बढ़ रही है राशन की कीमत?
मिडिल ईस्ट के यु्द्ध ने सिर्फ पेट्रोल-डीजल और दूध ही नहीं, राशन के सामान पर भी असर डाला है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में टैक्स, कच्चा तेल जैसी चीजों के रेट में काफी बदलाव हुए हैं और इसकी असर खुदरा सामान पर भी पड़ रहा है.






